मुरादाबाद। बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा रविवार को मुरादाबाद में 32 केंद्रों पर आयोजित की गई। कोरोना काल में परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों में भी जबरदस्त उत्साह रहा। दोनों पालियों में करीब 82 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। सुबह के समय परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र की फोटो स्टेट करवाने के लिए भटकना पड़ा। वहीं शाम को परीक्षा छूटने पर शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ गईं।
अपर जिलाधिकारी का कहना है कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई है। सभी केंद्रों पर कोविड 19 के दिशा-निर्देशों का पालन करवाया गया। नोडल प्रभारी व अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई थी। इसके अलावा 16 मजिस्ट्रेटों ने परीक्षा की निगरानी की है। उप नोडल अधिकारी डॉ. बीबी सिंह का कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय से भी 32 परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए दो पर्यवेक्षक आए थे।
दूसरी पाली में बढ़ गए परीक्षार्थी
सुबह की पाली में 11800 में से 9747 उपस्थित रहे, जबकि 2053 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं आए। दूसरी पाली में 11800 में से 9763 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे और 2037 परीक्षार्थी अनुपस्थित थे। सुबह के समय अभ्यर्थियों की उपस्थिति 82.60 प्रतिशत थी जो शाम को 82.74 प्रतिशत दर्ज की गई।
मास्क उतारते ही पड़ी डांट
परीक्षा के नियमों के तहत सभी अभ्यर्थी मास्क पहनकर आए थे। ज्यादातर अभ्यर्थियों के पास दस्ताने और सैनिटाइजर भी था। कोरोना का डर इतना था कि दोनों पालियों में तीन-तीन घंटे तक कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों ने मास्क पहने थे। यदि कोई अभ्यर्थी मास्क उतार रहा था तो कक्ष निरीक्षक उसे टोककर वापस लगावा दे रहे थे।
सुबह के समय ई-रिक्शा की रही दिक्कत
लॉकडाउन होने की वजह से अभ्यर्थियों को सुबह के समय ई-शिक्शा मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बहुत से अभ्यर्थी पैदल ही केंद्रों पर पहुंचे तो कुछ ने केंद्र की ओर अपने वाहनों से जा रहे अन्य अभ्यर्थियों से मदद मांगी। कुछ अभ्यर्थी ऐसे थे, जो पहले अपने मित्रों को परीक्षा केंद्र पर छोडने गए और बाद में अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचे।
दुकानें बंद होने से हुई परेशानी
संयुक्त प्रवेश परीक्षा दो पालियों में थी। बीच में करीब दो घंटे का गैप था। लॉकडाउन की वजह से ढाबा और दुकानें बंद थी। इसकी वजह से जो अभ्यर्थी खाना लेकर नहीं आए थे, उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
युवकों की अपेक्षा अधिक थीं युवतियां
बीएड़ संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए युवाओं में जबरदस्त उत्साह था। परीक्षा के समय केंद्रों पर युवकों से अधिक संख्या युवतियों की थी। राजकीय पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य तजम्मुल अफजाल, गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कालेज की प्राचार्य डॉ. अंजना दास ने बताया कि करीब 60 फीसदी युवतियों ने परीक्षा दी है। एमएच कालेज की प्राचार्य डॉ. मीना कौल ने बताया कि तीन सौ अभ्यर्थियों के केंद्र पर सिर्फ तीन लड़कों ने परीक्षा दी है।
फोटो स्टेट के लिए भटके अभ्यर्थी
प्रवेश पत्र की फोटो कापी लेकर आना अनिवार्य था, लेकिन कुछ अभ्यर्थी फोटो लेकर नहीं आए थे। लॉकडाउन की वजह से दुकानें बंद थीं। जहां इक्का-दुक्का दुकानें खुली थीं, वहां फोटो स्टेट कराने वालों की भीड़ लग गई। कुछ केंद्र व्यवस्थापकों ने अपने यहां पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र की फोटो कापी करके परीक्षा दिलवाई।
सामान्य रहा सभी का तापमान
बीएड की परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर एक अलग कक्ष की व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी अभ्यर्थी का तापमान अधिक हो तो उसे अलग बैठाकर परीक्षा दिलवाई जाए। व्यवस्थापकों का कहना है कि सभी अभ्यर्थियों का तापमान सामान्य था, इसलिए किसी को भी अलग बैठाने की आवश्यकता नहीं हुई।
अभ्यर्थी की समझी परेशानी
राजकीय पॉलीटेक्निक में एक अभ्यर्थी गर्भवती थी। उनको सामान्य कुर्सी पर बैठने में दिक्कत हो रही थी। उसको परेशान देखकर कक्ष निरीक्षक ने इसकी जानकारी केंद्र व्यवस्थापक को दी। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक ने अभ्यर्थी के लिए आरामदायक कुर्सी की व्यवस्था की।
सुबह करीब डेढ़ घंटे पहले परीक्षा स्थल पर पहुंच गया था। तैयारी के लिए करीब चार माह का समय अतिरिक्त मिल गया। इसलिए परीक्षा बहुत अच्छी हुई है। अपने गांव से ही फोटो स्टेट करवाकर लाया था।
- ममतेश कुमार, अभ्यर्थी।
कोरोना संक्रमण की वजह से बहुत डर लग रहा था। हालांकि किसी ने रोका नहीं था। मास्क लगाने के अलावा सैनिटाइजर भी लेकर आई थी। विज्ञान के प्रश्र कठिन लग रहे थे।
- प्रियांशी चौधरी, अभ्यर्थी।
कोरोना की वजह से पहले परिजन परीक्षा दिलाने से मना कर रहे थे, लेकिन मैंने बहुत तैयारी की थी। संक्रमण से बचने के लिए सभी एहतियात बरते। सभी प्रश्र हल कर दिए हैं।
- मधु, अभ्यर्थी।
केंद्रों पर काफी भीड़ थी। इसकी वजह से संक्रमण का डर लग रहा था। काफी समय बाद जब सभी अभ्यर्थी केंद्र के अंदर चले गए, तब मैं गई। परीक्षा के साथ सुरक्षा भी जरूरी थी। पेपर आसान आया था। रीजनिंग के प्रश्र आसानी से हल कर दिए थे।
- नेहा, अभ्यर्थी।