मुरादाबाद। मौसम में गर्मी और मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियों के रुकने की व्यवस्था चौपट। आलम ये है कि बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी झेलने को वहां पर ड्यूटी के लिए आए कर्मचारी मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तो महिलाओं के लिए है, ऐसे में वह इस सोच में पड़ गईं कि यहां पर रात कैसे गुजारें। हालांकि पोलिंग पार्टियों का कहना है कि ये लोकतंत्र का महापर्व है, मुसीबतें सहकर भी मतदान कराना हमारा कर्तव्य है।
ये हाल किसी देहात क्षेत्र के सरकारी स्कूल का नहीं बल्कि लाइनपार में स्थित आदर्श स्कूल माने जाने वाले प्राथमिक विद्यालय मझोला का है। यहां ड्यूटी पर आए कर्मचारियों ने बताया कि वह इससे पहले नोएडा और बुलंदशहर में भी ड्यूटी कर चुके हैं लेकिन वहां पर भी इस तरह की दिक्कत नहीं थी। वहां पर मतदान कर्मियों के लिए पंखे, पानी और गद्दे के अलावा खान पान के सामान की व्यवस्था थी लेकिन यहां पर न तो पर्याप्त कमरे हैं, न ही पंखे, पानी और गद्दों और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था है। सरकारी नल का पानी भी साफ नहीं है। सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि पोलिंग पार्टियों को कई जगह परेशानी झेलनी पड़ी है। इसकी शिकायत मिली है। ऐसे में प्रयास किए जा रहे हैं कि देर रात तक बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।
मतदाताओं को भी होगी परेशानी
मुरादाबाद। प्राथमिक विद्यालय में जिन कमरों में मतदान होना है वहां पर एक ही गेट है। इस गेट पर दो लाइन लगेंगी, जिनमें एक लाइन में पुरुष रहेंगे और दूसरे में महिलाएं मौजूद रहेंगी लेकिन मतदान के बाद वापस लौटने के लिए कोई दूसरा गेट नहीं है, ऐसे में मतदाताओं को भी भीड़ की वजह से परेशानी झेलनी पडे़गी।
दो महीने से हो रही थी तैयारी
मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव को लेकर दो माह पहले से ही तैयारी शुरू हो गई थी। प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए गए थे कि पोलिंग पार्टियों के ठहरने वाले स्थानों पर उचित व्यवस्था की जाए। बुनियादी सुविधाओं का वहां पर अभाव नहीं होना चाहिए लेकिन जब पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्र पहुंचीं तो व्यवस्था चौपट दिखी।