करीब 2900 करोड़ रुपये की कारोबारी पूछताछ के साथ आईएचजीएफ स्प्रिंग दिल्ली फेयर शुक्रवार को खत्म हो गया। एशिया के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेले में दुनियाभर के 110 देशों के 6737 खरीदाराें ने हिस्सा लिया। हस्तशिल्प मेले के आखिरी दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निर्यातकों को अवार्ड दिए गए। इनमें मुरादाबाद के तीन निर्यातक भी शामिल हैं।
ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि दुनियाभर के 110 देशों के खरीदार स्प्रिंग फेयर में पहुंचे। इनमें सबसे अधिक अमेरिका के 782 खरीदार शामिल थे। ब्रिटेन के 312, जर्मनी के 193, फ्रांस के 215, आस्ट्रेलिया के 217, जापान के 165, स्पेन के 138, नीदरलैंड के 175, यूएई के 93 और चीन के 121 खरीदारों ने मेले में उपस्थित दर्ज कराई। इसके अलावा कनाडा, अफ्रीका, रूस, हांगकांग, सऊदी अरब समेत कई अन्य देशों के खरीदार भी हस्तशिल्प मेले में पहुंचे। एशिया के सबसे बड़े मेले का तमगा रखने वाले स्प्रिंग दिल्ली फेयर में एक ही छत के नीचे होम, लाइफ स्टाइल, फर्नीचर और टेक्सटाइल्स के 3200 हस्तशिल्प निर्यातकों ने अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया था। राकेश कुमार ने कहा कि दिल्ली हस्तशिल्प मेले ने विदेशी मुद्रा लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। 1986-87 में हस्तशिल्प निर्यात से 387 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित होती थी जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 23029.36 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि 2018-19 में देश का हस्तशिल्प निर्यात 26500 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर जाएगा। फेयर में आखिरी दिन बैैंक विवादों के विषय पर एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया। समापन समारोह में सर्वश्रेष्ठ डिजाइन एवं डिस्प्ले स्टैंड के लिए अजय शंकर और पीएन सूरी मेमोरियल पुरस्कार प्रदान किए गए। ईपीसीएच के महानिदेशक ने बताया कि अजय शंकर मेमोरियल अवार्ड पूर्व हस्तशिल्प आयुक्त अजय शंकर के नाम पर दिया जाता है। जबकि पीएन सूरी ईपीसीएच के प्रथम चेयरमैन थे।
मुरादाबाद की मैसर्स एक्सप्रेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट फर्म को लैंप, बॉथ और लॉन कैटेगिरी में गोल्ड अवार्ड मिला। पार्कलैंड एक्सपोर्ट को हाउसवेयर और डेकोरेटिब्स में पीएन सूरी गोल्ड अवार्ड दिया गया। मुरादाबाद की फेयर डील इंटरनेशनल को पीएन सूरी ब्रोंज मेडल मिला। ईपीसीएच के चेयरमैन ओपी प्रहलादका और महानिदेशक राकेश कुमार ने पुरस्कार वितरित किए।