हिंदू कालेज में नैक मूल्यांकन होने से पहले ही आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल (आईक्यूएसी, इंटरनल क्वालिटी एस्योरेंस सेल) की समिति ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रबंधन और कालेज प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में प्राचार्य ने इस मामले को डॉ. अमर सिंह प्रकरण से जोड़कर पूर्व नियोजित बताया है।
समिति के संयोजक डॉ. अनिल कुमार, सदस्य डॉ. राकेश कुमार, डॉ. सुधा गर्ग, डॉ. संजय कुमार रस्तोगी ने पद से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि आईक्यूएससी की बैठक में समिति की संस्तुति जैसे स्मार्ट क्लास, विभागों में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं, परास्नातक विभागों में पुस्तकालय आदि के लिए कालेज ने सार्थक पहल नहीं की। आईक्यूएसी का बैंक खाता भी प्रबंध समिति की बैठक में पास होने के बावजूद नहीं खोला है। नैक की ओर से पाठ्यक्रम के मान्यता के अभिलेख 18 जुलाई को मांगने के पश्चात नहीं दिए गए। प्राचार्य डॉ. आर के बंसल ने बताया कि कालेज वर्ष 1949 में बना था। समिति को उस समय के मान्यता प्रमाण पत्र चाहिए थे। उस वक्त महाविद्यालय आगरा विश्वविद्यालय से संबद्घ था। वह प्रमाण पत्र हमारे पास नहीं हैं। हमारे पास सिर्फ एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संबंधित मान्यता प्रमाण पत्र हैं। उन्होंने मंगलवार को प्रमाण पत्र की मांग की थी और बुधवार को त्यागपत्र दे दिया। हमने पूरा सहयोग किया। समिति ने जिन संसाधनों की मांग की, वह उन्हें उपलब्ध कराए गए। प्रवेश समिति में नाम होने के बावजूद इन शिक्षकों ने प्रवेश में सहयोग नहीं किया है। डॉ. अमर सिंह प्रकरण से क्षुब्ध होकर रणनीति के तहत यह त्यागपत्र दिया है। प्रबंधन से बात कर कालेज प्रशासन गुरुवार को दूसरी नैक मूल्यांकन की समिति बना देगा।