निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए शनिवार को आखिरकार मंडलीय कमेटी गठित हो ही गई। कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित कमेटी में सात सदस्य नामित किए गए हैं। कमेटी स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावकों की शिकायतों की सुनवाई करने के साथ स्कूलों में शुल्क वृद्धि नियंत्रण कानून का पालन करवाएगी।
निजी स्कूल फीस के नाम पर अभिभावकों से तमाम तरह के शुल्क वसूलते हैं। फीस वृद्धि और मनमाने शुल्क की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने शुल्क वृद्धि नियंत्रण कानून लागू किया है। इसके दायरे में सभी निजी स्कूल हैं। स्कूल साल में सात फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा पाएंगे। इसे सख्ती से लागू करवाने के लिए जिला स्तर पर डीआईओएस की अध्यक्षता में पब्लिक स्कूल प्रबंधकों की बैठकें हो चुकी हैं। अभिभावकों की शिकायतों की सुनवाई के लिए भी शासन स्तर पर मंडलीय कमेटी बनाने के आदेश जारी हुए थे।
संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव के मुताबिक शनिवार को मंडलीय कमेटी गठित हो गई है। मंडल आयुक्त कमेटी के अध्यक्ष हैं। कमेटी में संयुक्त शिक्षा निदेशक, लोनिवि के मुख्य अभियंता, अपर निदेशक कोषागार, सीए आलोक रस्तोगी, एसएस चिल्ड्रेन एकेडमी के प्रबंधक अनिल अग्रवाल, शिक्षक अभिभावक संघ के अंकित कोठियाल को सदस्य नामित किया गया है।