ठाकुरद्वारा। ठाकुरद्वारा स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के अफसरों ने अपनी गर्दन फंसती देखी तो भागदौड़ कर बैंक मित्र और उसके रिश्तेदार व परिजनों खातों से 80 लाख रुपये की रिकवर कर ली है। शाखा प्रबंधक का कहना है कि सारी रकम वापस कंपनी के खाते में जमा करा दी गई है। उसने ये रकम अपने खाते से अन्य खातों में भी ट्रांसफर कर दी थी।
पीएनबी शाखा प्रबंधक मशरूर अहमद खां ने बताया कि छह अक्तूबर को वह अवकाश पर गए थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी बैंक मित्र ने एक कंपनी के खाते से अपने में खाते में 80 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। बैंक शाखा प्रबंधक मशरूर अहमद खां की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में 80 लाख रुपयों की ठगी के आरोप में सहायक प्रबंधक नवनीत कुमार और धनंजय सिंह व बैंक मित्र रियाज के खिलाफ रिपोर्ट करा दी गई थी। उन्होंने बताया की आरोपी के खाते से करीब 61 लाख रुपये और बाकी रकम उसके रिश्तेदारों ने मदद कर जमा कर दी है। रकम पूरी जमा होने पर बैंक स्टाफ ने राहत महसूस की है। विभागीय अधिकारी भी इस घपले को लेकर जांच में जुटे हैं। बैंक मित्र के दफ्तर पर भी ताला लगा दिया गया है।
बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में
मुरादाबाद। इस पूरे मामले में बैंक अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। केस में दो कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। बैंक मित्र अंदर केबिन तक घूमता रहता था। इसी का उसने फायदा उठाया और अधिकारियों की आईडी का इस्तेताल कर रकम ट्रांसफर कर ली।
साइबर थाने की पुलिस ने शुरू की जांच
मुरादाबाद। साइबर थाने के प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच शुरू कर दी है। केस में सहायक प्रबंधक नवनीत और कर्मचारी धनंजय सिंह व बैंक मित्र रियाज अहमद आरोपी हैं। बैंक अधिकारियों से संपर्क कर केस से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। ताकी पता चल सके कि कंपनी से निकाली गई रकम कितने खातों में ट्रांसफर की गई है। सीसीटीवी कैमरों फुटेज भी खंगाली जाएगी। ताकी सामने आ सके कि उस दिन आरोपी रियाज की किन कर्मचारियों ने मदद की थी।