फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का सोना पड़ा काला, निकलने लगा दीवाला

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। मौसम के बाद सरकारी तंत्र की मार से किसान लाचार है। बारिश ने गेहूं की क्वालिटी खराब कर दी है। बारिश में भीगने से गेहूं काला पड़ गया है और सरकारी क्रय केंद्रों पर रिजेक्ट हो रहा है। सरकारी केंद्रों पर पहुंचने वाले किसान निराश होकर बिचौलियों को औने पौने दामों में गेहूं बेचने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

एक अप्रैल से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। मुरादाबाद जिले में 107 क्रय सेंटर बनाए गए हैं। सरकार ने गेहूं का 1840 रुपये समर्थन मूल्य घोषित किया है। मुरादाबाद जिले में 71000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। रविवार तक करीब चार हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है। खरीद से अधिक किसानों का गेहूं रिजेक्ट हो रहा है। सरकार ने गेहूं क्रय के लिए मानक निर्धारित किए हैं। इनमें 13 फीसदी नमी युक्त गेहूं खरीदा जा रहा, लेकिन गेहूं का कलर फीका या काला पड़ने पर रिजेक्ट किया जा रहा है।
15 जून तक गेहूं खरीद होनी है। अप्रैल दूसरे पखवाड़े से केंद्रों पर गेहूं की आवक के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। सभी केंद्रों पर काला और फीका गेहूं पहुंच रहा है। गेहूं की खरीद नहीं होने से काश्तकार परेशान हैं। काश्तकारों का कहना है कि बारिश से गेहूं का गोल्डन कलर हल्का फीका पड़ा है। क्रय केंद्रों पर उसे रिजेक्ट किया जा रहा है। मजबूरी में किसान औने पौने दामों पर बिचौलियों और आढ़तियों को गेहूं बेचने को मजबूर हो रहा है।
विज्ञापन


- बारिश से गेहूं की क्वालिटी खराब हुई है। कलर फीका पड़ने से गेहूं काला हो गया है। काला गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। इससे किसान परेशान हैं। काला गेहूं खरीदे जाने को लेकर भारतीय खाद्य निगम से खाद्य विभाग की वार्ता भी चल रही है। सभी सेंटरों पर खराब क्वालिटी के गेहूं पहुंचने की शिकायत है। 12 फीसदी नमी वाले गेहूं खरीदे जाने के आदेश हैं। - अनुपम कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें