मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार बड़ी लापरवाही से विभाग में खलबली मची है। विभाग ने न केवल गलत पुस्तिका का प्रकाशन करवा दिया, बल्कि स्कूलों में बच्चों को वितरण भी कर दिया गया। इसका खुलासा होने पर आनन फानन में बच्चों से किताबें वापस महंगाई गई हैं। इससे विभाग को लाखों रुपये के नुकसान के साथ किरकिरी झेलनी पड़ी है।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह में पढ़ने वाले बच्चों के गणित विषय की संप्राप्ति स्तर में सुधार लाने के लिए गणित रिमिडियल कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। कक्षा छह के बच्चों को मेथ किट वितरण की गई है। कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को गणित की कार्य पुस्तिका जिला स्तर से दी जानी थी। अप्रैल में कार्य पुस्तिका जिला समन्वयक प्रशिक्षण द्वारा ब्लाकों को भेजी गई। ब्लाकों से किताब स्कूलों में वर्क बुक के रूप में भेज दी गई।
स्कूलों में वर्क बुक देखी तो शिक्षकों के होश उड़ गए। वर्क बुक का कवर पेज प्रकाशित है, लेकिन अंदर शिक्षक माड्यूल दिया गया है। जिससे बच्चों का कोई लेनादेना नहीं है। गलत पुस्तिका के प्रकाशन और वितरण की जानकारी से विभाग में खलबली मची है। आनन-फानन में सभी स्कूलों से किताबों को वापस मंगवा लिया है। हालांकि, विभागीय स्तर पर प्रकाशन के बाद पुस्तक को चेक करने के बजाए वितरण कर दिया गया। इसको लेकर भी तमाम सवाल उठने लगे हैं।
- गणित रिमिडियल की पुस्तक में शिक्षक माड्यूल प्रकाशित हो गया है। प्रकाशक के स्तर पर गलती हुई है। प्रकाशन ने सैंपल दिया था वो सही था, लेकिन प्रकाशन गलत कर दिया गया। प्रकाश को नोटिस जारी कर तत्काल वर्क बुक के आदेश दिए गए हैं। - देवेंद्र सिंह, जिला समन्वयक प्रशिक्षण