फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नूरबानो के मुरादाबाद में चुनावी ताल ठोकने की सुगबुगाहट

Tue, 08 Jan 2019 02:22 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
रामपुर के नवाबी घराने से ताल्लुक रखने वाली बेगम नूर बानो के चुनावी जंग में कांग्रेस के टिकट पर मुरादाबाद से उतरने के संकेत से सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की पुरानी पुरोधा नूरबानो को चुनावी तैयारी में जुटने की सलाह भी दी गई है। बेगम नूरबानो के चुनावी जंग में उतरने की सूरत में मुरादाबाद से चुनावी अखाड़े में उतरने का मन बना रहे पूर्व सांसद और क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन के समर्थकों को खासा झटका लगेगा।
विज्ञापन


खांटी कांग्रेसी बेगम नूरबानो इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के काफी करीब थीं। नवाब जुल्फिकार अली खान की बेगम नूरबानो रामपुर लोकसभा सीट से पहली बार 1996 में कांग्रेस के टिकट पर 36.96 फीसदी मत हासिल कर चुनी गई थीं। हालांकि इसका अगला चुनाव वह मौजूदा केंद्री मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से हार गई थीं जो अटल जी की सरकार में मंत्री भी बने थे। लेकिन मुख्तार अब्बास नकवी ज्यादा दिन तक लोकसभा के सांसद नहीं रह पाए।

13वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में एक बार फिर बेगम नूरबानो ने कांग्रेस के टिकट पर बाजी मारी। हालांकि उसके बाद के दो लोकसभा चुनावों में बेगम को हार का मुंह देखना पड़ा। जयपुर में पढ़ी लिखी बेगम नूरबानो का असली नाम मेहताब जमानी बेगम है। मुरादाबाद सीट से 2009 में क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को बाहरी होने के बाद भी लोगों ने सिरमाथे पर बैठाया। हमेशा झक सफेद शाही साड़ी पहनने वाली बेगम नूरबानो की छवि मृदुभाषी और मिलनसार महिला की है। नवाबी ठसक भी उनमें खूब है। हालांकि बेगम को मुरादाबाद बाहरी का तमगा भी दिया जा सकता है लेकिन वह मोहम्मद अजरुद्दीन की अपेक्षा ज्यादा करीब हैं।
विज्ञापन


रामपुर के नवाबी घराने के ताल्लुकात मुरादाबाद से हमेशा से गहरे रहे हैं। बेगम के चुनावी जंग में उतरने से अजहरुद्दीन के मंसूबों को झटका लग सकता है। गौरतलब है कि अजहर ने लगभग साल से मुरादाबाद में अपनी सक्रियता बढ़ा दी थी। ईद-बकरीद के मौके पर ईदगाह पहुंचकर वे मुबारकबाद देने के बहाने मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने की भी कोशिश करने में जुटे थे।

स्थानीय कांग्रेसी नेता भी चुनावी जंग में उतरने का मन बना रहे थे। अब जैसा बताया जा रहा है कि आला कमान ने बेगम को मुरादाबाद से उन्हें चुनावी जंग में उतरने की हरी झंडी दे दी है। आला कमान के फैसले को चुनौती स्थानीय तौर पर मिलने की उम्मीद कम ही है। लेकिन सियासी जानकारों के मुताबिक कांग्रेस का कमजोर संगठन बेगम के लिए बड़ी चुनौती बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें