मूंढापांडे के अहरौला गांव में बाढ़ की वजह से चार परिवार बेघर हो गए। यह चारों परिवार गांव के पास झोपड़ी डालकर रहते थे। चारों परिवारों में वृद्ध व बेसहारा लोग हैं। कोई सरकारी योजना भी इन परिवारों तक नहीं पहुंच सकी थी। बाढ़ के हालात देखने पहुंची एडीएम फाइनेंस ने इन परिवारों को गांव में ही एक घर में शरण दिलाई है। राशन कोटेदार से गेहूं, चावल लेकर दिए गए हैं। अंत्योदय कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने का वादा भी एडीएम ने चारों परिवारों से किया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल ने बताया कि अहरौला गांव में चार परिवार झोपड़ी में रहते थे। झोपड़ी पानी में डूबने के बाद से चारों बेघर हो गए थे। गांव का स्कूल भवन भी जर्जर है। नया स्कूल बना है उसके कमरे भी टपक रहे हैं। चारों परिवारों को गांव में ही एक व्यक्ति की दुकान खाली कराकर रखा गया है। गेहूं, चावल, केरोसिन उपलब्ध करा दिया है। इनके अंत्योदय राशन कार्ड बनाने के निर्देश डीएसओ को दिए गए हैं। एडीएम ने बताया कि घरों के स्थान पर झोंपड़ी थीं लिहाजा इन परिवारों को घरों का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है। इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन लेकर आवास बनवाए जाएंगे। बर्तन, कपड़े बह जाने के लिए इनका मुआवजा मंजूर कर लिया गया है। बैंक खाते खुलवाकर रकम सभी के खातों में भेज दी जाएगी।