बारिश पड़ने पर महानगर के कई क्षेत्रों में लोगों को आफत का सामना करना पड़ेगा। सिल्ट से अटे पड़े नालों के चलते जलभराव का सामना करना पड़ेगा। महानगर में जगह-जगह सीवर के लिए खोदी गई सड़क में गड्ढे बने हुए हैं। इनके कारण हादसे हो सकते हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी खुले पड़े नाले और सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मर के कारण हो सकती है। इनके कारण बिजली उतरने की आशंका बनी रहती है। बारिश होने पर एक ओर जहां जलभराव हो जाता है, वहीं शहर में कई स्थानों पर जाम लग जाता है। लोगों को काम का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में अच्छा रहेगा कि बारिश होने से पहले अपने रुटीन के रास्तों के गड्ढों और नालों की जानकारी गंभीरता से कर लें। जिससे जलभराव होने पर उस क्षेत्र से निकलने, वाहन निकालने में कोई परेशानी न हो। किसी प्रकार की परेशानी संज्ञान में आने पर अपने क्षेत्र के अधिकारियों से मिलकर उसको दूर करा लें।
यहां लगेगा जाम -
लोकोशेड पुल, फव्वारा चौक, पीली कोठी, कचहरी रोड, गुरहट्टी, रेलवे स्टेशन के सामने, इंपीरियल तिराहा, प्रभात मार्केट मोड़, हनुमान मूर्ति आदि क्षेत्रों में एकाएक जाम लग जाता है। बारिश होने पर कुछ समय के लिए इन स्थानों से बचकर निकलने का प्रयास करें।
बिजली का खतरा -
1. बुध बाजार में अखिलेश सिनेमा के पास तार सड़क व नाले पर पड़े हैं
2. हिंदू कालेज के बाहर तार सड़क पर
3. पारकर कालेज रोड पर तार नाले में
4. डिप्टीगंज में बिजली का तार सड़क पर
5. खालसा वाली गली में सड़क पर ट्रांसफार्मर
6. झब्बू के नाले पर रखा है ट्रांसफार्मर
7. झब्बू का नाला रोड पर विद्युत पोल पर अक्सर करंट उतरता है। एक युवक की मौत भी हो चुकी है।
यहां हैं सड़कों में गड्ढे -
1. दिल्ली रोड पर दो स्थानों पर खतरनाक कट
2. इंपीरियल तिराहे पर सड़क पर सीवर का कट
3. कटघर क्षेत्र में पीतल बस्ती में सड़क पर गड्ढे
4. अमरोहा गेट वाली सड़क में खतरनाक गड्ढे
5. सिविल लाइन क्षेत्र में सड़क में सीवर के गड्ढे
6. कचहरी रोड पर सड़क में सीवर के गड्ढों के साथ ही कांठ रोड, रामगंगा विहार, आदर्श कालोनी, हरथला, चक्कर की मिलक आदि क्षेत्रों में सड़क में खतरनाक गड्ढे हैं।
7. एनएच-24 पर रेलवे से आगे कई स्थान पर खतरनाक गड्ढे
8. हैलट रोड पर आड़े-तिरछे पड़े हैं सीवर के ढक्कन
9. हिंदू कालेज के सामने खुला पड़ा है खतरनाक नाला
अपने आसपास के कूड़े का करा लें उठान
अपनी कालोनियों के आसपास में पड़े कूड़े के ढ़ेर को साफ करा लें। बारिश यह बहकर नाले-नालियों में भर सकता है। गड्ढों में पानी के साथ डूब सकता है। इसके सड़ने से संक्रमण फैलने और बीमारी होने की आशंका बनी रहती है।
अटे पड़े हैं नाले -
महानगर के ज्यादातर नाले अटे पड़े हैं। इनमें सिल्ट और कबाड़ पड़ा है। ऐसे में नालों से होकर रोजाना का पानी निकलने में ही परेशानी आ रही है। बारिश का पानी नालों से होकर निकलने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ऐसे में जलभराव होना तय है। पानी भरने से बारिश के दौरान निकलने में परेशानी झेलनी होगी। नालों के किनारे पड़ी सिल्ट भी बहकर नालों में ही भर जाएगी, जिससे जलनिकासी में समस्या आएगी।
नालों की सफाई करा दी गई है। सिल्ट का उठान हो चुका है। निगम के सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इनको चार-चार वार्ड के नालों का सर्वे करना है। कहीं पर सिल्ट या कबाड़ पाया जाता है तो दोबारा से निकाल दिया जाएगा। बारिश में जल निकासी के लिए भी टीम गठित कर दी गई हैं।
- आशीष शुक्ला, उप नगर आयुक्त।