मुरादाबाद। शहर में पीतल गलाने के लिए गली मोहल्लों में छोटी भट्ठियों पर काम करने वालों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जुर्माने का नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मोहल्ला चक्कर की मिलक नाले के पास गली नं. पांच निवासी मोहम्मद सादक पुत्र अब्दुल शकूर को साढ़े सात लाख रुपये जुर्माने का नोटिस भेजा है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसी तरह के जुर्माने का नोटिस जारी करते हुए जुर्माने की रकम जमा करने को कहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस कार्रवाई से पीतल गलाने की भट्ठियों पर काम करने वाले लोगों में हड़कंप है। पीतल मजदूरों ने मंगलवार इस मामले को लेकर डीएम से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन देकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी नोटिसों को निरस्त कराने की मांग की है।
मुख्य पर्यावरण अधिकारी वृत्त-7 की ओर से मोहम्मद सादक को जारी नोटिस में कहा गया है कि निरीक्षक क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 28 सितंबर 2019 को किए गए निरीक्षण में उनके द्वारा पीतल गलाने की इकाई सघन आबादी वाले क्षेत्र में संचालित मिली। उसमें न तो प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाएं स्थापित मिला और न ही राज्य बोर्ड से स्थापनार्थ एवं संचालन के लिए सहमति पत्र। पत्र में 28 सितंबर 2019 से 11 दिसंबर 2019 तक पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में 7.50 लाख रुपये आरोपित करते हुए इस धनराशि को जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनकी इकाई का संचालन बंद कराने के साथ उनको मिलने वाली जल व बिजली की सुविधाएं भी तत्काल प्रभाव से रोके जाने के निर्देश दिए गए हैं। सादक ने बताया कि इस तरह का नोटिस और भी कई पीतल मजदूरों को जारी किया गया है।
इधर प्रदूषण नियंत्र बोर्ड द्वारा नोटिस भेजे जाने के विरोध में कई पीतल मजदूरों ने एकत्र होकर मंगलवार कलक्ट्रेट पहुंच डीएम को ज्ञापन दिया। पीतल मजदूरों ने डीएम को बताया कि वह लोग छोटी भट्ठियों पर काम कर परिवार की जीविका चलाते हैं। उन्होेंने कहा कि असल प्रदूषण बड़ी भट्ठियों से होता है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वाले उनके खिलाफ कुछ कार्रवाई नहीं करते हैं। उन्होंने जारी नोटिसों को निरस्त कराने व नोटिस के आधार पर बिजली विभाग द्वारा की जाने वाली कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन पर शहनवाज, सलीम खां, नाजिम, जहीर, रहमत अली अंसारी, अमीर, आसिफ आदि के हस्ताक्षर हैं। डीएम ने मामले की जांच करा कार्रवाई का आश्वासन दिया है।