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... तब मुरादाबाद में कह गए थे मोदी, फकीर हूं झोला उठाकर चल दूंगा

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मुरादाबाद। ये तीन दिसंबर 2016 की बात है। आठ नवंबर को नोटबंदी का कड़ा फैसला करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुरादाबाद में रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। कुछ वक्त बाद यूपी के विधानसभा चुनावों का बिगुल बजने वाला था। जब मोदी यहां आए उस वक्त तक लोग बैंक और एटीएम की कतारों में लगे थे। रैली में पीएम ने नोटबंदी के फैसले को जायज ठहराने के लिए कई तर्क दिए थे। तब वह मंच से बोले थे, हमेशा राशन की लाइनों में लगे हो, जगह - जगह कतारें लगाई हैं, बस एक आखिरी बार इन कतारों को और झेल लो। इसके बाद देश बदल जाएगा। मुरादाबाद के इसी मंच से विरोधियों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा था, मैं तो फकीर हूं, झोला उठाकर चल दूंगा। मोदी का मुरादाबाद में बोला गया यह डायलॉग दुनियाभर में खूब चर्चित हुआ।
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तब मोदी ने मंच से कहा था कि विरोधी शोर मचा रहे हैं। उन्होंने बोला था, ‘ये क्या कर लेंगे भई... नईं नईं ये क्या कर लेंगे भई... हम तो फकीर हैं झोला उठाकर चल देंगे’। मोदी के इस डायलॉग के बाद कुछ पल के रैली स्थल पर सन्नाटा पसर गया था। थोड़ी देर बाद मोदी - मोदी से शोर से पूरा रैली स्थल गूंजने लगा था। नया मुरादाबाद में हुई इस रैली के बाद मोदी पहली बार मंडल में आ रहे हैं। लेकिन तब उनका बोला गया यह डायलॉग आज तक दुनिया में छाया हुआ है। खासकर पाकिस्तानी मीडिया में मोदी के इस डायलॉग को खूब दिखाया गया था। मुमकिन है कि 11 अप्रैल को फिर से नरेंद्र मोदी नया मुरादाबाद के इसी मैदान पर फिर से रैली को संबोधित करने आएं। क्योेंकि मोदी कर रैली के लिए भाजपा ने जिन दो स्थानों को सुझाया है उनमें नया मुरादाबाद का पुराना मैदान भी शामिल है।
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