एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विश्वविद्यालय और कालेजों में नकल विहीन परीक्षा के लिए व्यवस्थाओं पर जोर है, लेकिन आठ और नौ मार्च की परीक्षा पर संशय बना हुआ है। टीजीटी की परीक्षा की वजह से स्कीम में फेरबदल होने की संभावना है।
विश्वविद्यालय की परीक्षा 25 फरवरी से 15 अप्रैल तक प्रस्तावित हैं। कम समय में परीक्षा समाप्त करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने इस वर्ष शुक्रवार को दोपहर की पाली के अलावा रविवार को भी परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया है। इसमें सबसे बड़ी परेशानी आठ और नौ मार्च को होने वाली टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) की परीक्षा से होगी। विश्वविद्यालय की परीक्षा में आठ मार्च को बीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में गृह विज्ञान द्वितीय पेपर, बीकॉम द्वितीय वर्ष का बीकॉम सी ग्रुप का दूसरा पेपर और बीकॉम अंतिम वर्ष में ग्रुप सी, डी, ई, एफ का दूसरा पेपर होगा, जबकि परास्नातक में एमए, एमकॉम और एमएससी में करीब 12 विषयों की परीक्षा है, जबकि नौ मार्च को स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में समाज शास्त्र प्रथम पेपर है। वहीं, परास्नातक में एमए प्रथम और द्वितीय वर्ष के छह प्रश्नपत्र की परीक्षा है। टीजीटी और विश्वविद्यालय की परीक्षा के लिए ज्यादातर कालेजों को केंद्र बनाया गया है। केजीके कालेज के परीक्षा प्रभारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि एक ही दिन में विश्वविद्यालय और टीजीटी की एक साथ परीक्षा कराना मुश्किल है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम बनाते समय किसी ने टीजीटी परीक्षा की जानकारी नहीं दी थी। कालेजों ने भी आपत्ति नहीं की थी। यदि कोई शिकायत करेगा, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। शासन के निर्देश पर दोनों परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे दोनों में तालमेल बनाना पड़ेगा। यदि विश्वविद्यालय की परीक्षा टलेगी तो बाद में तारीख निर्धारित की जाएंगी।