झांझनपुर प्राथमिक विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में मिड-डे मील में बच्चों को घटिया खाना देने के मामले में रविवार को विभागीय कार्रवाई की गई। बीएसए ने अमर उजाला में छपी खबर और बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के निरीक्षण के बाद इस मामले को संज्ञान लेते हुए जिला समन्वयक मिड-डे मील, खाना आपूर्ति करने वाले एनजीओ के सचिव और विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी किया है। उन्होंने प्रधानाध्यापिका और जिला समन्वयक से तत्काल और एनजीओ से तीन दिन में जवाब मांगा है।
इस स्कूल में 172 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को मिड-डे मील में दाल में पानी, कच्ची रोटी, कच्ची दाल, मोटे चावल, दाल में कीड़े और नम बहुत ज्यादा व मिड-डे मील के बर्तनों में खाना बनाते समय पुताई करने वाला चूना मिला था। इस खबर को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने भी निरीक्षण किया था। उन्हें भी घटिया खाने के अलावा शौचालय गंदा और दरवाजे टूटे हुए मिले थे। इस पर डॉ. विशेष गुप्ता ने बीएसए को फटकार लगाई थी। रविवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने मिड-डे मील आपूर्ति करने वाली संस्था अजीज इस्लामियां पब्लिक स्कूल सोसायटी के सचिव को आपूर्ति में लापरवाही बरतने, मिड-डे मील के जिला समन्वयक अखिलेश कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी नगर द्वारा 12 दिसंबर को प्रार्थना पत्र और व्हाट्सएप पर सूचना देने के बाद भी निरीक्षण नहीं किया गया। नोटिस में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी बाला पर खराब खाने की सूचना बीएसए कार्यालय में न देने का आरोप है। इतना ही नहीं कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय की मरम्मत न करवाने का उल्लेख नोटिस में किया है।