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मकान का सपना दिखाकर हुई ठगी

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मुरादाबाद। पीएम आवास योजना के बहाने ठगी करने वाले गिरोह महानगर में सक्रिय हैं। कालोनियों में गरीबों से संपर्क कर उनको पीएम आवास दिलाने का झांसा दिया जा रहा है। कई हजारों रुपयों की ठगी के आरोपी गायब हो जाते हैं। पकड़ने जाने पर डूडा और पुलिस आरोपियाें का ही साथ देते हैं। डूडा की जांच एजेंसी पर भी लोगों से कई कई हजारा रुपये जांच के नाम पर लिए जाने के कई मामले सामने आए। उनकी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से शिकायतें हुईं। मझोला सहित कई थानों में उनकी जांच लंबित पड़ी हुईं हैं।
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डबल फाटक के पास भदौड़ा में किराए के कमरे में रहने वाले अमर पाल और उनकी पत्नी पुष्पादेवी सोमवार को डूडा आफिस पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों से चार बार मकान का आवेदन करने और जांच एजेंसी पर दो हजार रुपये वसूलने की बात कहकर अपने आवेदन की स्थिति जाननी चाही। रोते हुए पुष्पा देवी ने बताया कि आफिस के कर्मचारियों ने उनसे बदसलूकी की और भगा दिया। दो महीने पहले फाइल स्वीकृत होने की बात कहते हुए डूडा आफिस से वापस भेज दिया गया था।
डीएम आफिस में शिकायत करने पर उनको फिर से डूडा आफिस भेजा, लेकिन किसी ने हालत नहीं जानी। यही हालत गलशहीद की तवस्सुम, लाइनपार के राजेश और कांशीराम नगर की मंजू का है। इन्होंने भी डूडा आफिस में शिकायत की है। कालोनी में आकर लोगों ने आवेदन भरवाए और एक हजार से 15 हजार रुपये तक की वसूली की। उसके बाद उनके आवेदन डूडा आफिस से जांच के लिए कांशीराम नगर भेज दिए ।
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पीड़ितों की मानें तो ठगी करने वाले उनको कई बार डूडा आफिस पर मिले हैं। इसकी पुष्टि डूडा के पूर्व पीओ सतीश कुमार ने भी की थी। डीएम आफिस में शिकायत पहुंचने पर उनको तलब करके बताया गया था कि आवास दिलाने के नाम पर डूडा आफिस में वसूली की जा रही है। सतीश कुमार ने बताया था कि डूडा आफिस में बैठकर ही कुछ लोग उगाही कर रहे थे। तब जांच करने वाली एजेंसी का सामान आफिस से बाहर निकाल दिया गया था। उगाही के मामले में डीएम ने जांच एजेंसी के जेई को जेल भिजवाया था।
डूडा के पीओ दीपक कुमार ने बताया जिस श्रेणी के पीएम आवास के आवेदन मिले हैं, उनको आवास विकास व एमडीए बनवा रहे हैं। इस श्रेणी में रुपया नहीं मिलता है, बल्कि मकान बनाकर दिया जाता है। आवास विकास से मकान लेने पर शुरूआत में पांच हजार और एमडीए से लेने पर 20 हजार रुपये जमा कराने होते हैं। इस मामले में पुलिस और प्रशासन की टीम जांच कर रही है। लोगों का मानना है कि ठगी करने वालों ने बैंक में रुपया जमा कराने के नाम पर ही आवेदकों से ठगी कर ली और गायब हो गए।
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