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नहीं मिली राहत, उपभोक्ताओं की फिर आफत

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मुरादाबाद।
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सरकारी कोटे का राशन लेने वाले उपभोक्ताओं की परेशान कम होने का नाम नहीं ले रही है। विभागीय वेबसाइट फिर लड़खड़ा गई है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की पीडीएफ फाइल डाउन लोड नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता कार्यालय में भटकने को मजबूर हैं।
सरकारी कोटे के राशन के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता हो गई है। जिन उपभोक्ताओं के राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं हैं वो उपभोक्ता कोटे के राशन से बाहर हो गए हैं। मुरादाबाद में 30 फीसदी उपभोक्ताओं के राशन और आधार कार्ड में नाम, उपनाम और पते अलग-अलग होने से जुलाई से उनका राशन भी बंद हो गया है। 14 अगस्त तक कार्ड संशोधन की प्रक्रिया चलाई जा रही है। कार्ड संशोधन से लेकर नए कार्ड जारी होने का कार्य विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन हो रहा है। वेबसाइट लगातार धोखा दे रही है।
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18 जुलाई से 30 जुलाई तक वेबसाइट बंद रही। 31 जुलाई से सुचारु हुई तो पांच अगस्त से फिर भी लड़खड़ा गई है। इससे संशोधित कार्ड के पीडीएफ फाइलें डाउन लोड नहीं हो पा रही हैं। पीडीएफ फाइल डाउन लोड होने के बाद ही विभाग से उसका प्रिंट निकालकर उपभोक्ताओं को दिया जाना है, ताकि नया कार्ड जारी होने तक उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के तहत राशन मिलता रहे। दुकानों में अगस्त माह के राशन का वितरण शुरू होने लगा है। जुलाई में कोटे के राशन से वंचित उपभोक्ता अगस्त का कोटा लेने के लिए संशोधित कार्ड का प्रिंट लेने विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। वेबसाइट काम नहीं करने से उपभोक्ता परेशान भटक रहे हैं।
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- मुरादाबाद शहर में एक लाख 26 हजार 38 उपभोक्ता (535422 यूनिट) हैं। 275 कोटे की दुकानों से उपभोक्ताओं को मासिक राशन वितरण होता है। वेबसाइट लड़खड़ाने से विभागीय कामकाज के साथ उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
- जाकिर हुसैन, एआरओ
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