ठाकुरद्वारा। तेंदुए ने दो गांव में घुसकर बकरे और पालतू कुत्ते का शिकार किया। जबकि बालक ने भागकर तेंदुए से अपनी जान बचाई। घटना से गांव शेरपुर बहलीन और नाहरवाला में दहशत फैल गई। आसपास के करीब एक दर्जन गांव के लोगों में भी दहशत है। कोतवाली के गांव शेरपुर बहलीन निवासी नन्हू सिंह के घर में बुधवार की रात करीब 12 बजे एक तेंदुआ घुस गया। आंगन में नन्हू सिंह का 12 वर्ष का पुत्र मोनू सो रहा था। आंगन की दीवार कूदकर तेंदुआ अंदर घुस गया। जिससे मोनू की आंख खुल गई। तेंदुए ने उस पर हमले का प्रयास किया। तो मोनू ने घर के अंदर घुसकर अपनी जान बचा ली। लेकिन तेंदुआ आंगन में बंधे बकरे को उठाकर ले गया। उसे जंगल में ले जाकर उसका शिकार किया। बालक ने अंदर सो रहे अपने माता पिता को जगाया। लेकिन तेंदुआ जब तक बकरे को ले जा चुका था। सुबह होने पर लोगों ने तेंदुए की जंगल में काफी तलाश की। लेकिन उसका और बकरे का पता नहीं चल सका। नन्हू सिंह के घर के आसपास तेंदुए के पंजे के निशान ग्रामीणों ने देखे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के रेंजर दिनेश कुमार को दी। लेकिन वन विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। इस गांव में पहले भी कई बार तेंदुआ हमला कर चुका है। दूसरी घटना कोतवाली के गांव नाहरवाला में हुई। तेंदुआ गांव में घुसकर नरेश कुमार के घर के बाहर से उसके पालतू कुत्ते को उठाकर ले गया। नरेश के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तेंदुए को पीछा किया। लेकिन वह ग्रामीणों के हाथ नहीं आ सका। गुरूवार को सुबह कुत्ते का अधखाया शव गांव के जंगल में पड़ा मिला। घटना से नाहरवाला और शेरपुर बहलीन के अलावा पाड़ला, नया गांव बहादुरनगर, मधुपुरी, रतूपुरा, खाईखेड़ा आदि में भी दहशत फैल गई। वन विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।