टांडा (रामपुर)। कोरोना वायरस से जंग को घोषित 21 दिन के लॉकडाउन की वजह से टांडा के मदरसों में पढ़ने वाले 522 तालिबे इल्म (छात्र) अपने घर नहीं जा पाएं हैं। मदरसा प्रबंधकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन तालिबे इल्म को उनके घर पहुंचा दिया जाए।
लॉकडाउन के आठवें दिन बुधवार को कई मदरसा प्रबंधकों ने तहसील प्रशासन को अवगत कराया कि उनके यहां 522 तालिबे इल्म हैं जो घर नहीं जा पाएं हैं। प्रबंधकों ने बताया कि ये बच्चे बिहार, असम, झारखंड, पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। प्रबंधकों ने तालिबे इल्म की सूची देकर इनको इनके घर भेजवाने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने मदरसा प्रबंधकों को अवगत कराया कि लॉकडाउन की वजह से तालिबे इल्म को उनके घर भेजना संभव नहीं है। शासन का आदेश है कि जो जहां पर वहीं पर रहेगा। लिहाजा तालिबे इल्म भी लॉकडाउन खत्म होने तक वहीं पर रहेंगे, जहां रह रहे हैं। प्रशासन ने तालिबे इल्म को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी देने, उनको सैनिटाइजर, हैंडवॉश और साबुन देने की बात कही। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह बताया कि ये बच्चे लॉकडाउन की वजह से घर नहीं जा पाए हैं। फिलहाल ये वहीं पर रहेंगे जहां पहले से रह रहे हैं।