एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय वार्षिक परीक्षा की तैयारियों में जुट गया है। केंद्र अध्यक्षों के अनुमोदन के अलावा नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए वायस रिकॉर्डर और सीसीटीवी लगवाने के आदेश दिए थे, लेकिन कालेजों ने अभी तक आदेश का पालन नहीं किया है। विवि अधिकारियों का कहना है कि आदेश न मानने वाले कालेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में विवि ने कालेजों को सेमस्टर/मुख्य परीक्षा के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो कैमरे (आमने-सामने) और वॉयस रिकॉर्डर लगवाने के निर्देश दिए थे। साथ ही 30 नवंबर तक शपथ पत्र प्रस्तुत करने को भी कहा था। कुछ कालेजों में 29 दिसंबर को बिना आदेश के पालन के सेमेस्टर परीक्षा भी हो चुकी हैं। केजीके कालेज के परीक्षा प्रभारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि कालेज में अवकाश चल रहा था। लगभग 32 कैमरे लगवाए जाने हैं। इसके लिए करीब दस-12 कंपनियों ने निविदा डाली हैं। सबसे कम बजट वाली कंपनी को कार्य आदेश जारी किए जाएंगे। आठ जनवरी तक कंपनी निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। दयानंद कालेज की प्राचार्य डॉ. जौली गर्ग ने बताया कि अभी प्रक्रिया चल रही है। कोटेशन मांगी गई हैं। गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कालेज की प्राचार्य डॉ. अंजना दास ने बताया कि अभी प्रपोजल बनवाया जाएगा। वित्तीय समस्या भी रहती है। चार-पांच बड़े हॉल में दो कैमरे लगे हैं। विवि परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने बताया कि बिना अनुमोदन के कोई शिक्षक केंद्र अध्यक्ष नहीं बन सकेगा। शासन ने परीक्षा केंद्रों को भौतिक सत्यापन को भी कहा है। इसलिए कालेजों को परीक्षा कक्ष में दो सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर लगवाना ही होगा।