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जिला पंचायत बोर्ड बैठक में जबरदस्त हंगामा

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मुरादाबाद।
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जबरदस्त हंगामे के बीच जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शनिवार को जिला योजना और आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को मंजूरी दे दी गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 33.55 करोड़ रुपये की आय और 33.23 करोड़ रुपये के व्यय का बजट बोर्ड में रखा गया था। हालांकि जिला योजना के लिए सपा और बसपा के सदस्य अलग से बैठक चाहते थे। सदस्यों का तर्क था कि जब जिला योजना से जिला पंचायत सदस्यों को पैसा नहीं मिलता तो वह उसे पास क्यों करें। भाजपा सदस्य ने सपा सरकार में भी बजट नहीं मिलने की बात कही तो सपा विधायक और सदस्य भड़क गए। करीब आधा घंटा तक सपा और भाजपा सदस्यों में नोंकझोंक और हंगामे की वजह से बोर्ड की कार्रवाई ठप रही।
सर्किट हाउस सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष मिथलेश रानी की अध्यक्षता में शनिवार दोपहर बारह बजे शुरू हुई बोर्ड बैठक में अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल शर्मा ने जैसे ही एजेंडा पढ़ना शुरू किया, सपा और बसपा सदस्य एतराज जताने लगे। बोर्ड बैठक के एजेंडे में पिछली कार्रवाई की पुष्टि के बाद जैसे ही एएमए ने जिला योजना को मंजूरी देने का बिंदू पढ़ा तो सपा सदस्यों ने कहा कि बोर्ड इसे पास नहीं करेगा। सपा - बसपा सदस्याें का कहना था कि जिला योजना से जब सदस्यों को बजट नहीं मिलता तो सदस्य जिला योजना को बोर्ड में क्यों पास करें। विरोध कर रहे जिला पंचायत सदस्य जिला योजना पर चर्चा के लिए अलग से बोर्ड की बैठक बुलाने की जिद पर अड़ गए। सदस्यों की मांग थी कि हरेक सदस्य को जिला योजना से एक - एक करोड़ रुपये की सड़कें दी जाएं। एएमए ने सदस्यों को समझाने की कोशिश की कि हर बार सदस्यों के प्रस्ताव जिला योजना में भेजे जाते हैं लेकिन स्वीकृति शासन से ही होनी है। बसपा के राज्यसभा सदस्य वीर सिंह के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे चंद्रपाल सिंह ने कहा कि जिला योजना में विधायकों के प्रस्ताव ले लिए जाते हैं लेकिन सदस्यों के प्रस्ताव नहीं लिए जाते। सपा विधायक मोहम्मद फहीम और सपा के जिला पंचायत सदस्य हाजी उस्मान ने भी जिला योजना को पास करने का विरोध किया। इस पर भाजपा के जिला पंचायत सदस्य लवली यादव ने कहा कि जिला योजना में सदस्यों को बजट तो पिछली सरकारों में भी नहीं मिलता था, तब भी जिला योजना बोर्ड से पास होती थी। यदि तब विरोध नहीं हुआ तो सपा - बसपा के सदस्य अब क्यों विरोध कर रहे हैं। इस पर सपा विधायक फहीम और सपा के सदस्य भड़क गए। विधायक ने सपा सरकार के काम गिनाने शुरू किए तो भाजपा सदस्यों ने मोदी और योगी सरकार के कार्य गिनाने शुरू कर दिए। भाजपा के सदस्य लवली यादव और विधायक के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख मुख्य विकास अधिकारी मृद़ल चौधरी को अपनी सीट छोड़कर बीच - बचाव करना पड़ा।
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करीब आधा घंटा के हंगामे के बाद बोर्ड ने जिला योजना और 33.23 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। हालांकि सदस्यों ने शर्त रखी है कि जिला योजना में सभी सदस्यों के प्रस्तावों को शामिल किया जाएगा और इन्हें मंजूरी दिलाने के लिए शासन में पैरवी की जाएगी।


पूरे समय खामोश रहीं सलिता
मुरादाबाद। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सलिता सिंह भी जिला पंचायत बोर्ड बैठक में पहुंचीं। लेकिन वह पूरे समय खामोश रहीं। सलिता को जिला पंचायत अध्यक्ष की पंक्ति में ही उनसे एक कुर्सी छोड़कर बैठाया गया। थोड़ा देरी से पहुंची सलिता ने पूरी कार्रवाई ध्यान से सुनी लेकिन कोई हस्तक्षेप नहीं किया। उन्होंने कोई विषय भी अपनी ओर से बोर्ड में नहीं रखा।
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बैंक्वेट हालों से टैक्स वसूलेगी जिला पंचायत
मुरादाबाद। अपर मुख्य अधिकारी ने बोर्ड बैठक में करीब 32.09 करोड़ रुपये के लाभ का बजट पेश किया है। उनका कहना है कि वित्तीय वर्ष 2019 -20 में जिला पंचायत को विभिन्न स्रोतों से करीब 33.55 करोड़ रुपये की आय होगी। जबकि व्यय 33 .23 करोड़ रुपये होगा। जिला पंचायत को यह आय ठेकेदारों की जमानत राशि, किराए, कृषि भूमि और दूसरी मदों से होगी। आय के नए स्रोत के रूप में जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंक्वेट हालों, फर्नीचर शो रूम, वाइन की दुकानों, ढाबों, कोल्हू आदि से टैक्स वसूलेगी। इसके लिए सर्वे कराया जाएगा।
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