बिलारी। सीएचसी बिलारी में कुत्ता काटने से घायल बालक को एंटीरैबीज इंजेक्शन न लगने से बालक की बीमार होने के बाद मौत हो जाने की घटना के प्रति बिलारी का स्वास्थ्य विभाग कितना संवेदनशील है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली। हाइड्रोफोबिया फैलने की आशंका से चिंतित परिजनों ने बिसौली में जाकर एक हकीम से देशी दवाई ली है।
याद रहे कि समाथल निवासी दीनदयाल मौर्य के बेटे अजीत सिंह आठ वर्ष की मंगलवार की रात मौत हो जाने की घटना के बाद से दीनदयाल की बड़ी बेटी सर्वेश 14 वर्ष और छोटे बेटे महेश तीन वर्ष को तेज बुखार है और दोनों भाई बहन को पानी पीने में परेशानी हो रही है। दीनदयाल का भतीजा नीरज 17 वर्ष और ओमप्रकाश 20 वर्ष भी बुखार से पीड़ित हैं। दीनदयाल के मुताबिक वह स्वयं और उसकी पत्नी छाया देवी भी बुखार से पीड़ित हैं और शरीर में कमजोरी बढ़ रही है।
बुधवार की शाम सीएचसी बिलारी के चिकित्साधिकारी ने बताया था कि बृहस्पतिवार की सुबह समाथल गांव में टीम जाकर मृतक बालक से संबंधित परिवार के सदस्यों की जांच करेगी। पता चला है कि बृहस्पतिवार को पूरे दिन स्वास्थ्य विभाग बिलारी से कोई डाक्टर या कोई अन्य स्वास्थ्य कर्मी समाथल गांव में मृतक बालक अजीत के घर नहीं पहुंचा और न ही अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य के बारे में कोई जांच की।