अपनी मांगों के समर्थन में दस दिनों से मुख्य डाकघर परिसर में धरने पर बैठे ग्रामीण डाक सेवकों ने जुलूस निकालकर और भीख मांग कर अपना विरोध जताया। डाक सेवकों ने हाथों में कटोरा लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले ग्रामीण डाक सेवक 14 मई से मुख्य डाकघर में धरने पर बैठे हैं। डाक सेवक अपनी मांगों को लेकर यहां अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
डाक सेवक संघ के मंडल सचिव नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि दस दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों को पूरा करने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। इसलिए डाक सेवकों को भीख मांगने और जुलूस निकालने को मजबूर होना पड़ा है। भारतीय ग्रामीण डाक सेवा संघ के राष्ट्रीय महासचिव के आह्वान पर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। डाक सेवक कमलेश चंद्रा आयोग की सिफारिशें लागू करने और वेतन विसंगतियाें को दूर करने की मांग कर रहे हैं। इस सिफारिश के लागू हो जाने से इन्हें सातवें वेतनमान का लाभ मिलने लगेगा। सिंह ने बताया कि डाक सेवकों का शोषण किया जाता है। उनसे अधिक कार्य करवाया जाता है। जबकि उनकी सुविधाओं और समस्याओं को लेकर सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। उन्हाेंने बताया कि मंडल के साढ़े आठ सौ शाखाओं के साढ़े तीन सौ डाक सेवक धरना प्रदर्शन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जुलूस में अकरम शाह, मो. इमरान, विजय गौतम, सुनील कुमार, ललिता प्रसाद, संतोष कुमार, खुशी राम, प्रवीन कुमार शर्मा, आदित्य, मनीष समेत दर्जनों डाक सेवक शामिल रहे।