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जिंदगी से जंग लड़ रही मासूम गुलनाज

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मुरादाबाद।
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कुंदरकी के पांड़िया गांव की मासूम गुलनाज जिंदगी से जंग लड़ रही है। गुलनाज को आदमखोर कुत्तों ने नोच खाया है। गर्दन और शरीर से मांस नोच डाला है। मुरादाबाद के बाद मेरठ के डाक्टरों ने भी गुलनाज के इलाज में हाथ खड़े कर दिए हैं। गुलनाज के दिलदिमाग में कुत्तों की दहशत घर कर गई है। दर्द से कराहती गुलनाज की जुबान पर सिर्फ कुत्ते और खुद को बचाने की गुहार है। पूरा गांव उसकी हालत देख सदमे में है। गांव वालों की मदद से गुलनाज को दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में भर्ती तो करवा दिया है, लेकिन हालत गंभीर बनी है।
मो जान की सबसे छोटी लाड़ली गुलनाज (8) वृहस्पतिवार को गांव के पास ही बगीचे में आम बीनने गई थी। बाग में आधा दर्जन से अधिक आदमखोर कुत्तों ने गुलनाज पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने गुलनाज की गर्दन और शरीर से मांस नोच डाला। ग्रामीणों ने बमुश्किल गुलनाज को कुत्तों से छुड़वाया। कुंदरकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने तक गुलनाज के शरीर से खून काफी बह गया। हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल मुरादाबाद रेफर किया गया। गुलनाज की हालत देख मुरादाबाद जिला अस्पताल के डाक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया।
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मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले मो. जान के पास मेरठ जाने तक किराया नहीं था। ग्रामीणों की मदद से गुलनाज को मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया। चेहरे, गर्दन और सीने में गहरे जख्म होने के कारण उसमें संक्रमण हो गया। मेरठ के डाक्टरों ने भी शनिवार को इलाज करने से हाथ खड़े कर गुलनाज को घर भेज दिया। गुलनाज के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का उसके घर तांता लग गया। गुलनाज दर्द से तड़प रही थी। हर कोई उसकी हालत देख दुआएं मांग रहा था। गुलनाज की हालत देख गांव के कुछ लोग गांव के ही सुभान के साथ कुंदरकी थाने और स्थानीय विधायक हाजी रिजवान के घर पहुंचे। ग्रामीणों ने गुलनाज को बचाने की गुहार लगाई और इलाज के लिए आर्थिक मदद की दरकार की। पुलिस वालों और विधायक का दिल पसीजा और गुलनाज को दिल्ली भर्ती करवाने के लिए रवाना कर दिया। गुलनाज को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। वहां उसका आपरेशन किया गया है, लेकिन हालत गंभीर बनी है।
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