मुरादाबाद। पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही लाइसेंसधारियों के असलहे जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज गांव-गांव जाकर मीटिंग कर लाइसेंसधारकों से शस्त्र जमा करने को कह रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी जा रही है कि जो लोग शस्त्र जमा करने में लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन सबसे के बीच अफसरों के पास अब तक पांच सौ से ज्यादा लाइसेंसधारियों के प्रार्थना पत्र पहुंचे हैं, जिन्होंने अपनी जान को खतरा बताकर शस्त्र जमा न करने की गुहार लगाई है।
मुरादाबाद में 21 हजार से अधिक लाइसेंसी शस्त्रधारक हैं। पंचायत चुनाव का एलान होते ही थाना प्रभारियों ने गांवों में मीटिंग कर लोगों से शस्त्र जमा करने को कहा है। अब तक साढ़े आठ हजार शस्त्र जमा हो चुके हैं। बाकी लोग भी जमा करने के लिए धीरे धीरे पहुंच रहे हैं। पांच सौ प्रार्थना पत्र ऐसे भी आ चुके हैं, जिन्होंने अपनी जान का खतरा बताया है। किसी ने पंचायत चुनाव की रंजिश का जिक्र किया है तो किसी ने अपने व्यापार का हवाला दिया है। किसी का कहना है कि वह रोज अपने प्रतिष्ठान से घर लौटते हैं। कभी कभी रात भी हो जाता है। ऐसे में उनके साथ कोई घटना हो सकती है। इस वजह से वह अपना शस्त्र जमा नहीं कर सकते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्र के सभी लाइसेंसधारियों को अपने हथियार जमा करने होंगे। कुछ लोगों के प्रार्थना पत्र आए हैं। जिन्होंने हथियार जमा न करने की बात कही है। हथियार जमा होंगे या नहीं। इसके लिए तहसील स्तर पर सीओ और एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई हैं। कमेटी जांच के बाद तय करेगी कि किन किन लाइसेंसधारियों के हथियार जमा होंगे या नहीं। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मुरादाबाद
हम शहर में रहते हैं, चुनाव से नहीं कोई हमारा संबंध
मुरादाबाद। हथियार जमा न करने वालों में कुछ लाइसेंसधारियों का कहना है कि उनका मूल घर गांव में है। गांव के पते पर ही उनके नाम पर लाइसेंस जारी किया गया था, लेकिन अब लंबे समय से शहर में निवास करने लगे हैं। उन्होंने यहां मकान भी बना लिया है। अब वह गांव की राजनीति से दूर हैं। फिर भी पुलिस की ओर से इनके पास कॉल जा रही हैं और हथियार जमा करने का दवाब बनाया जा रहा है। इस मामले में एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि जो लोग शहर में रहकर भी गांव का चुनाव प्रभावित कर सकते हैं। उनके हथियार भी जमा करा जाएंगे।