दूध में मिलावट करने वालों पर कानून का सोंटा एक बार फिर चला है। मंगलवार को एडीएम सिटी ने एक डेयरी पर पचास हजार का जुर्माना किया है जबकि दूधिये पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की यह रकम सप्ताह भर में जमा करनी होगी।
दूध में बड़ा ‘खेल’ चल रहा है। पहले दूध की क्रीम निकाली जाती है और फिर पानी मिलाते हैं। मिल्क पाउडर के साथ ही जाने क्या-क्या मिलाया जा रहा है। प्रयोगशाला से जारी होने वाली रिपोर्ट में इसका खुलासा हो चुका है। फूड इंस्पेक्टरों की टीम ने 11 जुलाई 2013 को हरथला सब्जी मंडी में स्थित दूध की डेयरी पर छापा मारा था। उस वक्त डेयरी पर 80 लीटर दूध था। दूध का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला को भेजा गया।
सैंपल फेल आया। पहली अगस्त को प्रयोगशाला से रिपोर्ट जारी हो गई थी। एडीएम सिटी की कोर्ट में वाद दायर कराया गया। एडीएम सिटी रणधीर सिंह दुहन ने मामले की सुनवाई करने के बाद डेयरी पर पचास हजार का जुर्माना किया है। वहीं 17 जुलाई को फूड इंस्पेक्टरों ने भोजपुर इस्लाम नगर निवासी कलमी हसन को रोककर दूध का सैंपल भरा था। कलमी हसन शहर में दूध लाकर बेचता है।
सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से जो रिपोर्ट आई उसमें दूध गुणवत्ता के मानकों पर फेल आया था। एडीएम सिटी ने दूधिये पर पच्चीस हजार का जुर्माना किया है। आदेश में कहा गया है कि जुर्माने की रकम सप्ताह भर में जमा करानी होगी।