मुरादाबाद। ईरान में जारी तनाव और युद्ध के हालात के बीच एक अच्छी खबर है। संभल और अमरोहा से गए 43 अकीदतमंद इराक के रास्ते 26 जून को वतन वापसी करेंगे। यह सभी यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास की सतर्कता से इनकी वतन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, ईरान में फंसे छात्रों और अन्य अकीदतमंदों की वतन वापसी भी आपरेशन सिंधू के तहत जल्द होने वाली है।
संभल जिले के सिरसी के रहने वाले मौलाना मो. अब्बास के जत्थे में 15 और अमरोहा से मीसम हुसैन के नेतृत्व में 28 लोगों का दल ईरान-ईराक के पवित्र स्थलों की यात्रा पर निकला था। यात्रा के दौरान यह जत्था ईरान में था, तभी वहां के हालात खराब हो गए। इसी बीच जत्थे में शामिल सभी लोग सुरक्षित तरीके से इराक चले गए। इराक में करबला, नजफ, काजमैन और बगदाद जैसे शहरों में इन्होंने जियारत की। इनकी वापसी होनी थी, लेकिन ईरान की तरह ही इराक का भी हवाई क्षेत्र बंद चल रहा है, जिससे इनकी वापसी नहीं हो पाई।
26 जून को वतन वापसी कर रहे इन अकीदतमंदों के परिजनों ने भी राहत की सांस ली है कि सभी लोग संपर्क में और सुरक्षित हैं। हालांकि ईरान में जो अकीदतमंद हैं उनके परिजनों की चिंता बनी हुई है और वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द सभी सकुशल भारत लौट आएं।