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मां की आराधना को मंदिरों में तैयारियां तेज

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मुरादाबाद। चेत्र नवरात्रि का आगाज छह अप्रैल से हो रहा है। आदिशक्ति की आराधना के लिए मां के दरबार सजने लगे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन दरबार में मां के दर्शन करते हैं और परिवार की खुशहाली और उन्नति के लिए प्रार्थना करते हैं। मंदिरों में साफ-सफाई के साथ विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मां की पोशाक और शृंगार के लिए भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार नवमी 13 और 14 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसके लिए भी मंदिरों में विशेष व्यवस्था की जा रही है।
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लाइनपार स्थिति माता मंदिर के महंत नवल किशोर अवस्थी ने बताया कि मंदिर में भजन-कीर्तन प्रतिदिन शाम को होगा। सोमवार का दिन था, तो सभी महिला श्रद्धालुओं ने गोष्ठी की है। माता को शृंगार चढ़ेगा। सुंदर पोशाक बनाई गई है। कलश स्थापना की जाएगी। माता पर नौ ध्वजा लगाएंगे। नवमी के दिन भंडारा किया जाएगा। हवन व समर्पण यज्ञ किया जाएगा। पंचांग में 13 अप्रैल को अष्टमी और नवमी का योग बन रहा है, लेकिन अभी हमने नवमी मनाने के दिन का निर्णय नहीं लिया है। कलश स्थापना सुबह 11 बजे से 12 बजे के बीच विशेष मुहूर्त में होगी।
हुल्का माता मंदिर के महंत बीएन गोस्वामी ने बताया कि घट स्थापना के साथ जोत जगाई जाएगी। अष्टमी के दिन हवन करने के बाद कन्याएं जिमाई जाएंगी। शीतला माता के बसौड़ा मेले की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत चल रही है। पांच अप्रैल तक यही स्थिति रहेगी। मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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महाकालेश्वर धाम के महंत पंडित गणेशानंद का कहना है कि दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। देवी मैया का अभिषेक किया जाएगा। फूल और लाइट की सजावट की जाएगी। मैया का चोला वैष्णो देवी से विशेष अनुग्रह से लाए हैं। नियमित व्रत पूजा पाठ किया जाएगा।
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