हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाशीध डीबी भोसले और यशवंत सिन्हा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका में शहर केलोकोशेड पुल का निर्माण अगले साल जनवरी तक पूरा करने के आदेश रेलवे को जारी किए हैं। इससे पहले अदालत ने रेलवे के अधिकारियों को कार्य योजना के साथ तलब किया था। जिसमें इन अधिकारियों ने अदालत में हलफनामा दाखिल करकेआश्वासन दिया कि वह इस पुल को अगले साल जनवरी तक पूरा करा लेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुरादाबाद निवासी जोया जुनैद, सत्यप्रकाश यादव और कबीर खालिद एडवोकेट ने जनहित याचिका दायर की । जिसमें कहा है कि दो साल से अधिक समय होने के बावजूद पुुल नहीं बना है। शहर के व्यस्ततम इस अधूरे पुल के कारण लोगों को जाम झेलना पड़ा रहा है। कई बार रेलवे के उच्च अधिकारियों को समय से पुल का निर्माण पूरा कराने का अनुरोध भी किया गया लेकिन उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
अदालत ने इस जनहित याचिका केआधार पर 12 सितंबर को सुनवाई नियत कर रेलवे, केंद्र और प्रदेश सरकार को पुल निर्माण की कार्य योजना पेश करने के निर्देश दिए थे। जिसमें रेलवे की ओर से जनवरी 2019 को पुल का निर्माण पूरा कराने का बचन दिया गया । उसी के बाद अदालत ने जनहित याचिका को निस्तारित कर आदेश किया है कि रेलवे जनहित में इस पुल का निर्माण समय सीमा जनवरी 2019 तक पूरा कराए।
राज्य सरकार पहले ही दोनों ओर इस पुल का 80 फीसदी निर्माण पूरा कर चुकी है। रेलवे के हिस्से का 20 फीसदी काम रह गया है, जो कि पिछले एक साल से लटका हुआ है। इसे पूरा कराने के लिए शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तथा रेल मंत्री आदि को ज्ञापन दिए थे। तमाम स्तर पर ज्ञापन देने के बावजूद पुल के निर्माण में तेजी नहीं आई थी। आखिर में जनहित याचिका दायर की गई।