मुरादाबाद। शुक्रवार की रात आई आंधी से हुए नुकसान का अंदाजा बिजली निगम अब तक नहीं लगा पाया है। ट्रांसमिशन लाइन के तीन टावर गिरने व 1200 खंभे टूटने से 40 गांवों की बिजली आपूर्ति चार दिन से ठप है। लोग परेशानी में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। मरम्मत में लगी टीम का कहना है कि बिजली चालू होने में दो दिन और लगेंगे।
मुरादाबाद देहात के रसूलपुर बिजलीघर से 25 गांव जुड़े हैं। छज्जा नगला से 15 गांवों की बिजली आपूर्ति होती है। जबकि कोठी खिदमतपुर की लाइन अमरोहा के बिजलीघर से आ रही है। इन तीनों क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हुआ है। इस कारण 40 गांवों की बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। चार दिन में कई लोगों ने घरों में सोलर पैनल लगवा लिए हैं। वहीं खेतों में सिचाईं के लिए बिजली आपूर्ति करने वाले 24 फीडर भी ठप पड़े हैं। गनीमत है कि गेहूं कटाई का काम चल रहा है, इसलिए सिंचाई की फिलहाल ज्यादा जरूरत नहीं पड़ रही है। चार दिन में विभाग सिर्फ 150 खंभों को ठीक कर पाया है। ट्रांसमिशन लाइन के बड़े टावरों को ठीक करने पर सारा अमला जुटा हुआ है, उनके ठीक होने पर ही 40-45 गांवों की सप्लाई सुचारू होगी। काम में लगे स्टाफ का कहना है कि इन सभी गांवों में बृहस्पतिवार को बिजली सप्लाई सुचारू होगी। बाकी सारी व्यवस्था ठीक होने में तीन दिन लग जाएंगे। देहात क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था से भी सप्लाई सुचारू नहीं हो सकती, क्योंकि ग्रिड से आने वाली सप्लाई ही नहीं मिल रही है। ट्रांसमिशन लाइन के टावर बृहस्पतिवार तक ठीक हो जाएंगे। तब ही सप्लाई सुचारू हो पाएगी।