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प्रथमा बैंक में 40 लाख का घोटाला, तीन अधिकारियों के खिलाफ तहरीर

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ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। प्रथमा बैंक की दूल्हापुर शाखा में 40 लाख का घोटाला प्रकाश में आया है। बैंक शाखा के कर्मचारियों ने करीब 20 खातेदारों के खातों से रकम अपने रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कर दी। मामले का खुलासा होने पर अब हड़कंप की स्थिति है। आरोपी एक लिपिक को निलंबित कर दिया गया है जबकि चार बैंक अधिकारियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
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इस मामले का भंड़ाफोड़ तब हुआ जब मंगलवार को कुछ खातेदार बैंक से पैसा निकालने पहुंचे। उन्हें अपने खाते से निकली धनराशि का पता चला। उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत बैंक अधिकारियों से करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने मौके पर आकर खातेदारों को दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। घोटाले में आरोपी लिपिक शरद कुमार शर्मा निलंबित कर दिया गया है। चार आरोपी बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। प्रथम दृष्टया सामने आ रहा है कि बैंक की शाखा में काफी समय से कुछ कर्मचारी खातेदारों के खातों से धनराशि को अपने करीबी खातेदारों के खातों में स्थानांतरित कर रहे थे।
गत दिवस से ही सामने आने लगा था प्रकरण, इनके खातों से निकली रकम
यह प्रकरण गत दिवस से ही सामने आने लगा था। सोमवार को गांव दूल्हापुर निवासी धर्मपाल सिंह बैंक शाखा से अपने खाते से पैसे निकालने पहुंचे। उन्होंने अपने खाते से धनराशि निकालने के लिए फार्म भरा और पास बुक में एंट्री कराई तो पता चला कि खाते में से उनके दो लाख रुपए गायब थे। जबकि उन्होंने इससे पहले दो लाख रुपए नहीं निकाले थे। उन्होंने इसकी जानकारी बैंक के प्रबंधक को दी तो इस घोटाले का खुलासा हुआ। जानकारी मिलने पर गांव के अन्य खातेदार भी वहां आ गए। उन्होंने अपने खाते चेक कराए तो पता चला कि हेमलता के खाते से पांच लाख रुपए, मुस्ताक अहमद के खाते से नौ लाख, वकीला के खाते से पांच लाख, झनिया देवी के खाते से चार लाख रुपए गायब थे। इसके अलावा मुकेश, अंकुर, अमित आदि लगभग 20 खातों से करीब 40 लाख रुपए की धनराशि को निकाला गया। खातेदारों की धनराशि को बैंक के एक लिपिक ने अन्य कर्मचारियों की साठ गाठ से गांव के ही कुछ खातेदारों के खातों में ट्रांसफर किया।
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ये कर्मी लपेटे में
गड़बड़ी सामने आने के बाद अब बैंक का हर खातेदार अपने खाते की जांच कराना चाहता था। जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय प्रबंधक हुकम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे खातेदारों से वार्ता की। खातेदारों को आश्वासन दिया कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनकी धनराशि भी वापस होगी।
- इस मामले में बैंक के लिपिक शरद कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। जबकि बैंक शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक, वर्तमान में कार्यरत सहायक , बैंक अधिकारी के खिलाफ वर्तमान शाखा प्रबंधक भीम सिंह की ओर से एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
- हुकुम सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक।
जून और जुलाई 2019 में धनराशि को किया गया ट्रांसफर
ठाकुरद्वारा। बैंक के घोटाले की धनराशि को कर्मचारी और अधिकारियों ने अपने करीबी खातेदारों के खातों में स्थानांतरित किया। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक हुकम सिंह का कहना है कि यह घोटाला जून और जुलाई 2019 में हुआ। निलंबित लिपिक शरद कुमार शर्मा ने 20 खातेदारों के खाते से धनराशि को अपने करीबी अंकुर सहगल सहित छह खातेदारों के खातों में ट्रांसफर किया।
खाते से तीन लाख रुपए गायब होने की जानकारी मिलने पर बैंक के सामने फूट फूटकर रोने लगी महिला
ठाकुरद्वारा। प्रथमा बैंक के दूल्हापुर शाखा में हुए घोटाले की पीड़ित महिला खातेदार अपने खाते से तीन लाख रुपए गायब होने पर बैंक के सामने बिलख बिलखकर रोने लगी। गांव दूल्हापुर निवासी जयवती पत्नी गजराम ने बताया कि मेहनत मजदूरी कर उसने तीन लाख रुपए अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक में जमा किए थे। लेकिन खाते से उसके पैसे निकल जाने से महिला परेशान है। वह बैंक के सामने बिलख बिलखकर रो रही थी। लोगों ने उसे आश्वासन देकर शांत किया कि उसके खाते से निकले पैसे उसे शीघ्र मिल जाएंगे।
40 लाख के घोटाले को काफी समय से छिपाए थे बैंक अधिकारी, हंगामा होने पर शुरू हुई कार्रवाई
ठाकुरद्वारा। प्रथमा बैंक के अधिकारियों को बैंक की दूल्हापुर शाखा में हुए 40 लाख घोटाले का काफी समय पहले पता चल गया था। लेकिन अधिकारी मामले को दबाए रहे। मंगलवार को एक खातेदार के खाते से पैसे निकालते समय मामले का खुलासा होने पर बैंक के अधिकारी हरकत में आए। हंगामा होने पर आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। वर्तमान शाखा प्रबंधक की ओर से घोटाले के आरोपी बैंक अधिकारियों और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी। बैंक के अधिकारियों को इसकी जानकारी होने का प्रमाण क्षेत्रीय प्रबंधक हुकम सिंह द्वारा दी गई जानकारी है। हुकम सिंह ने बताया कि मामले में दोषी शरद कुमार शर्मा को एक सप्ताह पूर्व निलंबित कर दिया गया था। वह अब बैंक से गायब है। जब शरद कुमार शर्मा को निलंबित एक सप्ताह पूर्व किया गया था तो उसी समय आरोपी बैंक अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में कार्रवाई क्याें नहीं की गई। जिससे साफ है कि अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए थे। क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि घोटाले के बारे में बैंक के महा प्रबंधक और चैयरमेन को अवगत कराया जा रहा है। जिन खातेदारों के खातों से पैसा निकाला गया है। उनका पैसा शीघ्र उनके खातों में जमा हो जाएगा।
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