मुरादाबाद। बेसिक एवं माध्यमिक स्कूलों में छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यों की जवाबदेही होगी। स्कूलों में 50 फीसदी से कम छात्र उपस्थिति होने पर प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यों के वेतन आहरण के साथ वेतनवृद्धि पर भी रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद भी छात्र उपस्थिति में सुधार नहीं होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूल प्रधानाचार्यों को चेतावनी जारी कर दी है।
सरकारी स्कूलों में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों के ताबड़तोड़ छापामारी हो रही है। स्कूलों से छात्र ही नहीं बल्कि शिक्षक भी गायब मिल रहे हैं। कई स्कूल निर्धारित समय पर नहीं खुल रहे हैं तो कइयों में शिक्षक ही फर्जी आवेदन से छुट्टियों पर हैं। छापों में कई स्कूलों में छात्र उपस्थिति शून्य भी मिली है। बीएसए और डीआईओएस ने ऐसे स्कूल प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के खिलाफ वेतन आहरण पर रोक लगाने की कार्यवाही की है। इसके बाद भी स्कूलों में छात्र उपस्थिति नहीं बढ़ रही है। शिक्षक भी गोल मारने से बाज नहीं आ रहे हैं।
डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों के लिए चेतावनी जारी कर दी है। डीआईओएस ने कहा कि पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष कम से कम 50 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। छापे में छात्र उपस्थिति कम मिलने पर प्रधानाचार्य के वेतन आहरण एवं वृद्धि पर रोक लगा दी जाएगी। बीएसए योगेंद्र कुमार ने भी प्रधानाध्यापकों को वेतन वृद्धि रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है। बीएसए ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने और साप्ताहिक रोस्टर के हिसाब से ही भोजन तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं।