पुलवामा आतंकी हमले के बाद कश्मीर में बिगड़े माहौल से छात्रों की सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग चिंतित है। इसके लिए विश्वविद्यालय और कालेजों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुरादाबाद में रह कर पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों ने कहा कि उन्हें यहां पर सुरक्षित माहौल मिला हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अंग है और हमेशा रहेगा।
शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 106 कश्मीरी विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पुलवामा हमले के बाद दो शिक्षण संस्थानों में देश विरोधी नारे और पोस्ट शेयर किए गए थे। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ और छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही एक कश्मीरी छात्रा ने बताया कि सब लोग माहौल को खराब नहीं करते हैं। कुछ ही फीसदी लोग ऐसा करते हैं। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई कश्मीर से करने वाली छात्रा ने बताया कि कश्मीर में पड़ताल की वजह से पढ़ाई प्रभावित होती है लेकिन मुरादाबाद में ढाई वर्ष की पढ़ाई के दौरान कभी असुरक्षा की भावना नहीं पनपी। अनंतनाग की छात्रा ने बताया कि मुरादाबाद में पढ़ाई के दौरान कभी खुद को असुरक्षित महसूस नहीं किया। इसी वजह से अच्छे से पढ़ाई कर रही हूं। एमआईटी के निदेशक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आंतरिक परीक्षा चल रही है तो सभी बच्चे आ रहे हैं। कोई परेशानी नहीं है। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण परिषद के निदेशक प्रो. एमपी सिंह ने बताया कि यूजीसी और सरकार की दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है। कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा की कोई समस्या नहीं है। कश्मीरी छात्रों के प्रवेश पर विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय समिति अंतिम निर्णय लेगी।