मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान में प्रदेश रैकिंग में पिछड़े मुरादाबाद जिले में नई मुश्किल खड़ी हो गई है। नेशनल हेल्थ मिशन में संविदा कर्मियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से अभियान को झटका लग गया है। अभियान पूरी तरह संविदा एएनएम पर निर्भर है। एएनएम के हड़ताल में शामिल होने से जिले में टीकाकरण की स्थिति ठहर गई है।
स्वास्थ्य विभाग की पहली प्राथमिकता में एमआर अभियान शामिल है। अभियान के मद्देनजर ही दो फरवरी से प्रस्तावित पल्प पोलियो अभियान को स्थगित किया गया है। मुरादाबाद जिले में 1196345 बच्चों का टीकाकरण लक्ष्य है। प्रदेश में टीकाकरण की जिलेवार प्रगति रैकिंग में मुरादाबाद जिला 66वें स्थान पर है। जिले में 77.87 फीसदी टीकाकरण हुआ है। यानी लक्ष्य के सापेक्ष 631645 बच्चों को टीका लगा है। पिछले एक सप्ताह से टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी है। सोमवार से एनएचएम के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से अभियान पूरी तरह बाधित हो गया है। अभियान की प्रत्येक टीम में एएनएम समेत तीन सदस्य शामिल हैं। स्कूलों और मदरसों में एएनएम ही बच्चों को इंजेक्शन लगाती हैं।
स्वास्थ्य विभाग में नियमित एएनएम और स्टाफ की संख्या गिनती में है। विभाग ने टीकाकरण में नियमित कर्मियों की ड्यूटी लगा दी है, लेकिन परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। हड़ताल लंबी चली तो अभियान के लक्ष्य को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग को परेशानी से जूझना पड़ सकता है। बच्चों की परीक्षा होने के बाद स्कूल बंद हो जाएंगे।