शासन ने दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों की जांच को अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। यह अभियान दो से छह नवंबर तक चलाया जाना है। शुक्रवार से यह अभियान शुरू कर दिया गया। अफसरों की टीम ने आठ जगह से सैंपल लिए और हानिकारक रंग मिलाकर बनाई जा रही बालूशाही को नष्ट कराया। इसके साथ ही सोया मिल्क से तैयार किया गया पनीर (टोफू) भी सेहत के लिए खतरनाक नजर आने पर नष्ट करा दिया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार त्रिपाठी और अभिहीत अधिकारी विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में सचल दल ने शुक्रवार को छापामारी की। टीम को फतेहपुर विश्नोई में टोफू मिला, जोकि देखने में ही सेहत के लिए हानिकारक नजर आ रहा था। दुकान से 25 किलो टोफू मिला, उसको मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। टीम को स्योहारा में मिठाई की दुकान पर 16 किग्रा बालूशाही मिली। इसमें वाटर कलर का प्रयोग किया गया था। यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक लग रही थीं। इसके चलते बालूशाही को भी नष्ट करा दिया गया। स्योहारा में ही परचून की दुकान पर सरसों का तेल मिला, वह भी देखने में ही मिलावटी नजर आ रहा था। इसके चलते तेल का सैंपल लेकर मौके पर मिले 105 लीटर तेल को सील कर दिया गया।
टीम ने स्योहारा में रंगीन बरफी और सोन पपड़ी का सैंपल लिया गया। बनिया खेड़ा में डेरी से दूध का सैंपल सील किया गया। बिलारी में सिरसी रोड पर पुल के नीचे स्थित मिठाई की दुकान से बर्फी और छेना रसगुल्ला का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि छापामारी लगातार जारी रहेगी।