मूंढापांडे ब्लाक के जगरमपुरा गांव में बुधवार को एक और मासूम बच्ची की मौत हो गई। ब्लाक क्षेत्र में विगत चार दिनों के भीतर चार मौतें हो चुकी हैं। गांवों में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके बाद भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी है। गांवों में चिकित्सा शिविर नहीं लगाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
मूंडापांडे ब्लाक के अधिकतर गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए थे। बाढ़ का पानी उतरने के बाद गंदगी से गांवों में संक्रामक बीमारियां फैल गई हैं। हर घर में कोई न कोई बीमार पड़ा है। बुधवार को जगरमपुरा गांव की ध्रुवी (5) पुत्री राजेंद्र सिंह की बुखार से मौत हो गई। ध्रुवी को सोमवार से बुखार आ रहा था। एक क्लीनिक में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। मुरादाबाद लाते वक्त रास्ते में ध्रुवी ने दम तोड़ दिया। ध्रुवी कक्षा एक में पढ़ती थी। राजेंद्र सिंह की चार महीने पहले ही चार महीने की बेटी पायल की भी बुखार से मौत हो चुकी है। ध्रुवी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। रविवार से अब तक ब्लाक के ही हृदयुपर गांव में हुनरवती (70), सर्वेश (40) और अंशुल (11) की भी बुखार से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक सैकड़ों लोग बीमार पड़े हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश कुमार प्रेमी ने बताया कि जिन इलाकों में बुखार की शिकायत आ रही है टीमें वहां दौरा कर रही हैं। मूंढापांडे स्वास्थ्य केंद्र पर दवाएं और चिकित्सकों की टीम लगाई गई है।