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मूसलाधार बारिश से कई मकान गिरे, परिजन बचें

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कुंदरकी। नगर और ग्रामीण इलाके में मूसलाधार बारिश से गरीब परिवारों के कहर बन गई। उनके आशियाने धराशायी हो गए है। कुंदरकी नगर में पुलिस चौकी के सामने रहने वाले रिक्शा चालक कमर रजा और उसकी पत्नी परवीन फात्मा और वृद्ध मां शमीम फात्मा मकान के बरामदे में सोए हुए थे। बताते है कि देर रात में मूसलाधार बारिश के दौरान मकान की कच्चें छत से मिट्टी गिरना शुरू हो गई तभी कमर अली की आंख खुली और उसने अपनी वृद्ध मां को उठाने का कोशिश की तभी छत का मलबा भरभराकर नीचे गिर गया जिसकी चपेट उसकी मां आ गई लेकिन गनीमत रही कि गंभीर चोट नहीं आई। बारिश को कमर अली के घर में जमा हो गया जिसको वह बाहर को उड़ेलता नजर आया वहीं क्षेत्र के ग्राम सीलपुर में अनीसा पत्नी सरताज हुसैन का मकान भी गिरना बताया गया है। गनीमत रही कि यहां पर अनीसा और उसके दो बेटे जीशान और सलमान सुरक्षित बच गए। मलबे में सामान दबना बताया गया है जिससे नुकसान हुआ है। इसके अलावा ग्राम तख्तपुर हासा, हुसैनपुर हमीर, चकफाजलपुर, नगलिया मशकूला आदि गांवों में मूसलाधार बारिश से गरीबों के मकानों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं मिली है। ऐसे परिवार अब बरसाती डालकर रात गुजार रहे है। बड़ा सवाल यह है कि ऐसे गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना लाभ क्यों नहीं मिल रहा है जिनके वास्तविक में कच्चे मकान है। ब्लाक अधिकारियों को ऐसे परिवार क्यों नजर नहीं आते है।
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बारिश रुकने से मिली राहत, साफ हुआ मौसम
कुंदरकी। कई दिन तक मानसूनी बारिश होने से मौसम पूरी तरह से कूल रहा था लेकिन रविवार की दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली तो लोगों को राहत मिल गई। मौसम साफ होने से कुंदरकी के मुख्य बाजार में लोगों की चहल कदमी बढ़ गई वहीं लोगों अपने जरूरी काम भी निपटाते नजर आए। मूसलाधार बारिश पड़ने से किसानों की खेतों में खड़ी फसल को काफी लाभ पहुंचा है वहीं बारिश रुकना भी फसल के लिए फायदेमंद होता है लेकिन देर शाम में फिर से बादल छा गए जिससे उम्मीद लगाई जा रही थी कि अभी मानसून छाया हुआ है और बारिश होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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