खातों में रकम होते हुए भी लोगों की जेब खाली है। नोटबंदी के बाद एक बार फिर मुरादाबाद में नकदी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बाजार से अचानक दो-दो हजार के नोट गायब हो गए हैं। 500, 200 और 100 के नोट की मांग बढ़ी तो इनकी भी बैंक में कमी हो गई। जिसकी वजह से एटीएम खाली हो गए हैं। बैंकों में भी नोट नहीं हैं, जितनी नकदी जमा हो रही है उसी अनुपात में बैंक लोगों को धनराशि दे रही है।
पिछले सप्ताह से अचानक दो हजार के नोट गायब होने के पीछे बडे़-बड़े उद्यमियों और कारोबारियों के स्तर पर जमाखोरी करना माना जा रहा है। नकदी की कमी की दूसरी वजह इन दिनों विवाह शादी समारोह भी माने जा रहे रहे हैं।
नकदी संकट केबारे में बैंक अधिकारियों का कहना है कि यह हालात एक-दो दिन में नहीं बने हैं। फरवरी और मार्च में जरूरत से ज्यादा कैश निकालने और उसकी जमाखोरी मुख्य कारण रही है। दूसरी ओर इन दिनों आरबीआई की ओर से दो-दो हजार के नोट कम छापना रहा है। पिछले महीनों की तुलना में इन दिनों 25 फीसदी जमा ही रह गया है।
शहर केअधिकांश एटीएम खाली
दोपहर साढ़े बारह बजे एकता द्वार पर बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में कैश नहीं दिखा।
दोपहर एक बजे कार्पोरेशन बैंक के एटीएम पर तैनात गार्ड ने बताया कि 11 बजे तक दो-दो हजार के नोट निकल रहेथे, उसके बाद से निकासी नहीं हो रही है। डेढ़ बजे कमिश्नर आफिस के पास इलाहाबाद बैंक शाखा के एटीएम से सिर्फ पांच सौ के नोट निकल रहे थे।
दिल्ली रोड दोपहर दो बजे एसबीआई के एटीएम। अकबर के किले केआसपास चार-पांच बैंक के एटीएम का भी यही हाल दिखा। शाम चार बजे डिप्टीगंज, लाइनपार, कटघर, पीतल बस्ती, नागफनी आदि क्षेत्रों में भी राष्ट्रीयकृत बैंक के अलावा निजी बैंक के एटीएम खाली दिखे ।
बैंक हो गईं खाली
मुरादाबाद।
बैंक ऑफ बड़ौदा में रामपुर से चेस्ट आती है, जबकि प्रथमा बैंक भी अपनी शाखाओं के अलावा सिंडिकेट बैंक और विशेष मांग पर अन्य बैंकों में आपूर्ति करता है। बीओबी केअधिकारियों ने बताया कि उनकी बैंक में दो-दो सौ के नोट नहीं रहे हैं, जबकि दो हजार के नोट बहुत कम हैं। पिछले महीने से आरबीआई ने कैश नहीं भेजा है। इसलिए बाजार से ही जमा नकदी से ही आपूर्ति की जा रही है। वहीं प्रथमा बैंक को आरबीआई ने फरवरी के अंत से नकदी नहीं भेजी है। पंजाब नेशनल बैंक में भी पिछले महीने से रुपयों की आपूर्ति ठप पड़ी है।
दो माह तक रह सकता है नकदी संकट
मुरादाबाद।
बैंकों केकाउंसलर एस के दीक्षित ने बताया कि 20 अप्रैल के बाद गेंहू की खरीद शुरू हो जाएगी। व्यापारियों से इकट्ठा पैसा किसानों के पास जाएगा। उसे वापस बाजार में आने में समय लगेगा । ऐसे में दो माह तक नकदी संकट से राहत मिलने की संभावना नहीं दिख रही है।
इनसेट...
जिले में बैंक व एटीएम की स्थिति
वर्ष 2017 2018
बैंक 340 340
एटीएम 282 291
वर्जन...
बहन को गुर्दे की बीमारी है। बिजनौर से उसकी दवा लेने के लिए आया था। एटीएम में पैसा न होने की वजह से इधर-उधर चक्कर लगा रहा हूं।
अश्वनी तोमर।
दूसरी बैंक में रुपया जमा करना था, लेकिन एटीएम खाली होने के कारण अब दूसरी जगह जा रहा हूं।
अविनाश कुमार।
जब रुपये निकालने गए तो चौरासी घंटा मंदिर के आस-पास के एटीएम खाली मिले। आज जमा करने आए तो एसबीआई की मुख्य शाखा की डिपोजिट मशीन खराब है। तीन दिन से चक्कर लगा रहा हूं।
राजेंद्र गुप्ता।
एटीएम में नकदी भरने की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी की है। दोपहर में यदि कैश खत्म हो जाता है तो पहले उन्हें सूचना दी जाती है। उसके बाद वह लोग भरने आते हैं। इसलिए कभी-कभी परेशानी हो जाती है। अजय कुमार, जिला समन्वयक इलाहाबाद बैंक।
इन दिनों बैंकों में दो-दो हजार के नोट आम दिनों की तुलना में 70 फीसदी के स्थान पर मात्र 20 फीसदी तक रह गया है। दूसरी वजह आरबीआई से भी बड़े नोट कम आ रहे हैं। पीएनबी में नकदी आपूर्ति के लिए दो-तीन दिन इंतजार करने को कहा है। सभी बैंक से उनके एटीएम के साथ नकदी आपूर्ति की जानकारी मांगी जा रही है।
महेश प्रसाद, लीड बैंक मैनेजर
एसबीआई में बड़े नोट आम दिनों की तुलना में कम जमा हो रहे हैं। लेकिन नकदी पर्याप्त है। अगले सप्ताह आरबीआई से नकदी आ जाएगी।
धर्मपाल, मुख्य प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक