मुरादाबाद। लेखपालों के फर्जी एरियर बिल बनाकर ट्रेजरी से 1.24 करोड़ रुपये निकालने वाला कलक्ट्रेट का सेवानिवृत्त भूलेख लिपिक शुक्रवार को जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। पुलिस ने बाबू को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। प्रकरण में जांच की आंच मौजूदा भूलेख लिपिक तक भी पहुंच रही है। पुलिस मामले में नामजद बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है।
मझोला थाना क्षेत्र में मिलन विहार निवासी कलक्ट्रेट के सेवानिवृत्त भूलेख लिपिक अनिल कुमार मेहरोत्रा को एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह ने गुरुवार को पकड़कर सिविल लाइंस पुलिस के हवाले किया था। 31 मई 2017 को रिटायर हो चुके अनिल मेहरोत्रा ने बारी - बारी से फर्जी बिल लगाकर ट्रेजरी से 1.24 करोड़ रुपये निकाले थे। सेवानिवृत्ति के सप्ताह भर पहले शुरू किए इस खेल को वह रिटायर होने के बाद भी जारी रखे था।
इस मामले में डीएम के आदेश पर मौजूदा भूलेख लिपिक प्रदीप कुमार की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने सेवानिवृत्त भूलेख लिपिक अनिल कुमार मेहरोत्रा निवासी मिलन विहार, सोनू, हिमांशु सक्सेना निवासी सिहारी माला बिलारी, कान्ती देवी, ज्योति भटनागर निवासी बरबलान, शकुंतला भटनागर निवासी बरबलान और अरुण कुमार भटनागर निवासी मोहल्ला अब्दुल्ला उत्तरी बिलारी के खिलाफ धोखाधड़ी एवं सरकारी धन के गबन समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। बाबू को जेल भेजने के बाद पुलिस इस मामले में बाकी अभियुक्तों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि भूलेख लिपिक प्रदीप कुमार भी जांच के दायरे में है।
डीएम ने राजस्व परिषद को भेजी रिपोर्ट
मुरादाबाद। ट्रेजरी से एक सेवानिवृत्त बाबू द्वारा दुस्साहसिक ढंग से 1.24 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से निकाल लेने का मामला शासन तक पहुंच गया है। जिलाधिकारी ने राजस्व परिषद को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी है। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता वाली टीम शुक्रवार को भी पूरे मामले की जांच में जुटी रही। अधिकारियाें का कहना है कि घोटाले की रकम बढ़ भी सकती है।