मुर्दों का बीमा कराकर क्लेम निकालने के मामले में बीमा माफिया के खिलाफ मझोला थाने में तीन और केस दर्ज किए गए हैं। रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एक्जीक्यूटिव टेरीटरी मैनेजर दीपेश सिंह ने कंपनी के तत्कालीन मैनेजर, एडवाइजर समेत दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। तीन आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं।
मझोला थाने में दर्ज कराए गए पहले केस में रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की मुरादाबाद शाखा के एक्जीक्यूटिव टेरीटरी मैनेजर ने बताया कि फरवरी 2012 को भोजपुर के लालूवाला निवासी खुशनबी के नाम से बीमा पालिसी कराई गई थी। जिसका बेसिक सम अस्योर्ड 961000 रुपये था। एडवाइजर भानू प्रताप सिंह और सेल्समैनेजर राजवीर सिंह द्वारा बीमा पालिसी फाइल की गई थी। तीन फरवरी 2013 को बीमित खुशनबी के बेटे मो. रफी ने बताया कि वह पालिसी के नामिनी है।
उसने बताया कि 26 अक्टूबर 2012 को उसकी मां की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। इस मामले की जांच कराने पर पता चला कि बीमा पालिसी कराने से दो वर्ष पहले की मृत्यु हो गई थी। दूसरे मामले में बताया गया कि बिलारी थानाक्षेत्र के स्योधारा निवासी सुरजा देवी के नाम पर 19 अप्रेल 2012 को रिलायंस लाइफ इरंश्योरेंस में बीमा पॉलिसी कराई गई। 7 दिसंबर 2016 को बीमित सुरजा देवी बेटे सुभाष चंद ने खुद को नामिनी होने का दावा किया।
जिसमें उसने बताया कि नौ सितंबर 2012 को उसकी मां की मृत्यु टाइफाइड की वजह से हो गई थी। तीसरे केस में राजू कुमार ने पुत्र उमेश कुमार निवासी गोपीवाला ने नामिनी होने का दावा किया। पहले केस में बुद्घि विहार निवासी अभिषेक सिंह पुत्र जगदंबा सिंह, किशनवीर सिंह निवासी बिलारी, हरिओम सैनी निवासी निवासी कांशीराम नगर और सुभाष निवासी बनियाठेर को आरोपी बनाया है। जबकि दूसरे केस में अभिषेक सिंह, संजय गिरी और राजू आरोपी हैं। तीसरे केस में भानू प्रताप, राजवीर निवासी पस्तौर थाना शाहबाद जिला रामपुर और मोहम्मद रफी निवासी लालूवाला को आरोपी बनाया गया है।