मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) में प्रवेश पत्र, प्रमाण पत्र में कमियों के चलते परीक्षार्थियों के केंद्र के बाहर ही रोक दिया गया। अभ्यर्थियों ने इस पर हंगामा किया। केंद्र के मुख्य द्वार पर चेकिंग कर रहे परीक्षा कार्यों में लगे कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। कई केंद्रों पर ऐसा नजारा देखने को मिला। केंद्र प्रभारियों ने अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा देने की अनुमति दी। बुधवार को संपन्न हुई परीक्षा में करीब 2747 ने परीक्षा छोड़ दी।
यूपीटेट की प्राथमिक स्तर की परीक्षा सुबह दस बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक पहली पाली में हुई। परीक्षा के लिए 35 केंद्र बनाए गए थे। इनमें 18578 अभ्यर्थियों का पंजीकरण था। दूसरी पाली दोपहर ढाई बजे से शाम पांच बजे तक 22 केंद्रों में हुई। इसमें 11721 अभ्यर्थियों का पंजीकरण था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षार्थी सेंटरों पर पहुंचने शुरू हो गए। सुबह की पाली में कई केंद्रों पर प्रवेश को लेकर हंगामा हुआ। मिलन विहार स्थित आकांक्षा स्कूल के सेंटर में अभ्यर्थियों को प्रदर्शन तक करना पड़ा। दर्जनों अभ्यर्थियों को केंद्र में दाखिल नहीं होने दिया। वीकेएस स्कूल केंद्र पर भी नोकझोंक हुई। अभ्यर्थियों के बीएड के दस्तावेज सत्यापित नहीं थे। जबकि कइयों की फोटो का मिलान नहीं हुआ। अभ्यर्थियों के हंगामे की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने दिया।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के मुताबिक सुबह की पाली में 16824 अभ्यर्थी शामिल हुए और 1754 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि दूसरी पाली में 10728 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 993 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। दोनों ही पाली में कुल पंजीकृत 30299 अभ्यर्थियों में से 27552 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 2747 ने परीक्षा छोड़ी। परीक्षा सीसी कैमरों की निगरानी में हुई। कोषागार से स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाया गया। केंद्र व्यवस्थापक, दो कक्ष निरीक्षकों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में प्रश्नपत्रों के पैकेट खोले गए। स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में ही उत्तर पुस्तिकाओं को कोषागार में जमा कराया गया।
क्या बोले अभ्यर्थी
- जरूरत के सभी प्रमाण पत्र लेकर गई थी। लेकिन प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं थे। वीकेएस सेंटर के गेट पर रोक दिया। उसकी तरह अन्य कई अभ्यर्थियों को रोका गया। हंगामे के बाद केंद्र में प्रवेश दिया गया। - मोनी, पीतल नगरी
- प्रवेश पत्र और आधार कार्ड की फोटो का मिलान नहीं हुआ। जिससे परीक्षा सेंटर में नहीं घुसने दिया। इससे काफी घबरा गई। लेकिन बाद में अधिकारी मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया। - रितिका ठाकुर, बिलारी
- बीएड के प्रमाण पत्र की कापी सत्यापित नहीं थी। बाकी सभी दस्तावेज ओरिजनल थे। आकांक्षा स्कूल के सेंटर पर परीक्षा में प्रवेश करने से रोक दिया। - प्रियंका, रामपुर
- अभ्यर्थियों की लापरवाही से भी उन्हें परेशान होना पड़ा। प्रवेश पत्र के पीछे जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी थी, लेकिन कई अभ्यर्थियों ने उसे पढ़े बिना ही पहुंच गए। - अर्चना