कर्मचारियों की वेतन वृद्धि में बड़ा ‘खेल’ पकड़ा गया है। वेतन वृद्धि निर्धारण के दौरान करीब ढाई सौ बाबुओं को डबल इंक्रीमेंट दे दिया गया। जांच अफसरों का कहना है कि यह बाबुओं की चूक से हुआ है। राजस्व विभाग के आडिट से खुलासा होने के बाद अब इंक्रीमेंट की रकम को वापस लेने की तैयारी की जा रही है।
सभी सरकारी कर्मचारियों को साल में एक दफा वेतन वृद्धि दी जाती है। इसके लिए अब शासन ने जुलाई का महीना फिक्स कर दिया है। तीन सौ से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें एसीपी का लाभ देते वक्त डबल इंक्रीमेंट दे दिया गया। जबकि एक ही इंक्रीमेंट दिया जाना था। इसका खुलासा भी तब हुआ जब राजस्व विभाग की टीम ने आडिट किया।
मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, रामपुर और अमरोहा में आडिट के दौरान यह मामला सामने आया। अफसरों का कहना है कि पांचों जनपदों में ही वेतन वृद्धि की गड़बड़ी के मामले पचास-पचास के करीब हैं। यह गड़बड़ी हुई वेतन बनाने वाले बाबुओं से। इन विभागों के विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी कर दिया गया है। यहां तो जिन्हें डबल इंक्रीमेंट दिया गया है उनसे वसूली की जाएगी या फिर वेतन निर्धारण करने वालों से वसूली होगी। इस रिपोर्ट के बाद विभागों में हड़कंप मच गया है।