मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने पर आज टीकाकरण को लेकर मारामारी है। टीका लगवाने वालों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन वैक्सीन की कमी है। इसके उलट साढ़े तीन महीने में वैक्सीन की 25 हजार से अधिक डोज बेकार गई। विभागीय प्रचार प्रसार की कमी और लाभार्थियों की लापरवाही से 25 हजार डोज का इस्तेमाल नहीं हो पाया, जबकि जिम्मेदार दस फीसदी डोज वेस्टेज के लिए पहले से तैयार थे।
जिले में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान चल रहा है। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। दूसरे चरण में 45 पार वालों को टीकाकरण किया गया। अब तीसरे चरण में दस मई से 18 वर्ष पार वालों का टीका लगाया जा रहा है। 16 जनवरी से 30 अप्रैल तक जिले में वैक्सीन की 1,75,852 डोज लगाई जा चुकी है। इसमें 1,39,125 लोगों को पहली और 36,727 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई है। इस दौरान वैक्सीन की 25,425 डोज बिना इस्तेमाल बेकार हो गई। जो कुल इस्तेमाल डोज का 14 प्रतिशत है। इसकी वजह विभागीय स्तर से प्रचार प्रसार में कमी, स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्करों और 45 पार वालों का टीकाकरण में अधिक दिलचस्पी न लेनी है। एक ओर जहां वैक्सीन की किल्लत के बीच टीकाकरण के लिए मारामारी है। वहीं दूसरी ओर 25 हजार से अधिक डोज बिना इस्तेमाल बेकार होना लापरवाही दर्शाता है। जिम्मेदारों का कहना है कि शासन भी दस फीसदी डोज के वेस्ट होने की बात मानता है।
डोज अधिक तो बर्बादी भी अधिक
कोवैक्सीन एक वॉयल में बीस डोज होता है, जबकि कोविशील्ड के एक वॉयल में दस डोज होता है। सील खुलने के बाद एक वॉयल का इस्तेमाल चार घंटे के भीतर होना जरूरी होता है। वरना बाकी डोज बेकार हो जाता है। 25 हजार बेकार हुए डोज में 70.50 फीसदी डोज कोवैक्सीन की है, जबकि 29.49 कोविशील्ड की डोज बेकार हुई।
किस महीने कितनी डोज हुई बेकार
महीना---------बेकार डोज की संख्या
जनवरी-----------502
फरवरी----------2287
मार्च-------------7726
अप्रैल-----------14910
कितने को लगी पहली और दूसरी डोज
- 139125 लोगों को लगी पहली डोज
- 36727 लोगों को लगी दूरी डोज
नोट : ये आंकड़े अप्रैल तक के हैं