दिल्ली रोड स्थित निर्यात फर्म में हिस्सेदारी को लेकर चल रहे विवाद के दौरान एक पक्ष ने फ्रीज खाते से ढाई करोड़ रुपये निकाल लिए। विरोध करने पर फर्म मालिक, उनकी बहू और बेटे के साथ मारपीट कर फैक्टरी में ही दो घंटे तक बंंधक बना लिया। आरोप है कि इस बीच बहू के साथ छेड़खानी की गई।
इस मामले में मझोला पुलिस ने छह नामजद और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के रहने वाले निर्यातक ने दर्ज केस में बताया कि दिल्ली रोड स्थित फर्म में वह और उनकी मां 25 फीसदी के पार्टनर हैं। इस फर्म के अन्य हिस्सेदारों में उसके एक चाचा, दो ताऊ के बेटे और एक ताई भी हैं।
जबकि एक अन्य फर्म निर्यातक और उनकी पत्नी पार्टनर हैं। आरोप लगाया कि परिवार के अन्य पार्टनर फर्म पर कब्जा कर पूंजी हड़पने में लगे हैं। विवाद के कारण बैंक का खाता फ्रीज हो गया था। इस बीच बैंक से सांठगाठ कर आरोपियों ने 12 और 13 अगस्त को ढाई करोड़ रुपये निकाल लिए।
आरोपियों ने दूसरी फर्म के खाते से 11 लाख रुपये निकाल लिए हैं। दो खातों को फिर फ्रीज करा दिया गया है। आरोपियों ने खाते में लेनदेन चालू कराने के लिए निर्यातक, उसकी पत्नी और पिता पर काफी दबाव बनाया। फर्म का लेबर ठेकेदार भी आरोपियों से मिला हुआ है। उसने धमकी दी है कि बाहर की महिलाओं से झूठे केस में फंसा देगा।
11 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे निर्यातक के उसके चाचा, दो तहेरे भाई और लेबर ठेकेदार कुछ बदमाशों को लेकर पहुंच गए। सभी ने निर्यातक, उसकी पत्नी और पिता को घेरकर खाते का लेनदेन चालू कराने का दबाव बनाया। मना करने पर दो घंटे तक फैक्टरी में बंधक बनाकर रखा।
किसी तरह वह अपनी पत्नी और पिता के साथ जान बचाकर भाग निकले। भागने के दौरान आरोपियों ने निर्यातक के साथ मारपीट की। उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट और छेड़खानी की गई। धमकी दी कि फैक्टरी छोड़ दो अन्यथा जान से हाथ धोना पड़ेगा।
थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि छह नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।