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Moradabad News: दो साल में गायब हो गए 240 हिस्ट्रीशीटर

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मुरादाबाद। जनपद से पिछले दो साल में 240 हिस्ट्रीशीटर गायब हो गए। इनमें कुछ हिस्ट्रीशीटर छोटी-मोटी घटनाओं में शामिल रहे हैं तो कुछ लूट, हत्या और डकैती जैसे वारदातों में लिप्त रहे हैं। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया तो तथ्य सामने आएं। ये हिस्ट्रीशीटर दूसरे प्रदेश या देश में चले गए। पुलिस इसकी जांच जुटी है।
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जनपद में करीब 1450 हिस्ट्रीशीटर हैं। इन हिस्ट्रीशीटर को दो श्रेणी में बांटा गया है। सक्रिय हिस्ट्रीशीटर एक श्रेणी में हैं जबकि पिछले लंबे समय से कोई अपराध न करने वालों को बी श्रेणी में शामिल करने के बाद निगरानी बंद कर दी जाती है। लोकसभा चुनाव नजदीक आए तो पुलिस ने भी चुनाव शांति पूर्ण संपन्न कराने के लिए अपराधियों को निगरानी शुरू कर दी है। एसएसपी हेमराज मीना के आदेश पर सिविल लाइंस, मझोला, मझोला, कटघर, गलशहीद, मुगलपुरा, कोतवाली, मूंढापांडे, मैनाठेर, सोनकपुर, बिलारी, कुंदरकी, भोजपुर, भगतपुर, डिलारी, ठाकुरद्वारा, कांठ, छजलैट और पाकबड़ा थाने की पुलिस ने अभियान चलाकर हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया था। जिसमें 240 हिस्ट्रीशीटर न तो अपने घर मिले और न ही उनके बारे में परिवार के लोगों ने कोई जानकारी दी है। ये अपराधी मर गए या पुलिस से बचने के चक्कर में किसी दूसरे शहर, प्रदेश या देश चले गए। इसका भी कोई पुख्ता सबूत पुलिस को नहीं मिल पाया है। इन अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की ओर से दूसरे जनपदों और राज्यों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है।
130 हिस्ट्रीशीटरों की बंद की गई हिस्ट्रीशीट
जनपद में करीब 130 हिस्ट्रीशीटर जान गंवा चुके थे लेकिन पुलिस के रिकार्ड में सभी जिंदा थे। एसएसपी हेमराज के आदेश पर जान गवां चुके हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीटर बंद कर दी गई है।
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किसी गैंग में फिर से शामिल तो नहीं हो गए हिस्ट्रीशीटर
लापता हिस्ट्रीशीटर पुलिस के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। ये अपराधी कहीं किसी गैंग में फिर से शामिल तो नहीं हो गए। किसी दूसरे शहर या प्रदेश में क्या का रहे हैं। इसके बारे में जानकारी जुटाना भी बहुत जरूरी हो गया है।
जेल से बाहर आए 7400 अपराधियों की पुलिस कर रही निगरानी

लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी है। पिछले दो साल में जमानत पर जेल से बाहर आए 7400 अपराधियों की निगरानी शुरू कर दी है। इनमें लूट, हत्या, डकैती, दुष्कर्म, धोखाधड़ी, साइबर अपराधी शामिल हैं। थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज और बीट सिपाहियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर सप्ताह सीओ इसकी समीक्षा कर रहे हैं।
- लोकसभा चुनाव को शांति पूर्ण संपंन कराने के लिए पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले दो साल से जेल से जमानत पर आए आए 7400 अपराधियों की निगरानी की जा रही है। हिस्ट्रीशीटरों का भी सत्यापन किया गया है। 240 हिस्ट्रीशीटर अपने घरों से गायब हैं। उनके परिजन भी उनकी कोई लोकेशन नहीं बता रहे हैं। पुलिस टीमें में इनके बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
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हेमराज मीना, एसएसपी
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