मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आदेश के बावजूद मुरादाबाद मंडल की 11 चीनी मिलें ढाई लाख से अधिक किसानों के 4.22 अरब रुपये दबाए बैठी हैं। एक साल होने को है लेकिन इन चीनी मिलों ने किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया है। उन्हें किसानों केभुगतान के लिए ऋण उपलब्ध कराने तक की व्यवस्था सरकार की ओर से की जा चुकी है। ऐसे में किसानों को प्रशासनिक और गन्ना अधिकारी अगले सप्ताह तक भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं।
मंडल में किसानों का सबसे ज्यादा 1.56 अरब रुपये का बकाया मुरादाबाद जिले की चीनी मिलों पर है। दूसरे नंबर पर 1.24 अरब रुपये बिजनौर का है। तीसरे स्थान पर अमरोहा के चीनी मिलों पर 62.76 करोड़ है। चौथे स्थान पर रामपुर के चीनी मिलों पर 49.66 करोड़ तथा पांच नंबर पर संभल के चीनी मिलों पर 28.99 करोड़ रुपये बकाया हैं। मंडल की 22 चीनी मिलों में से 11 ने अपना बकाया भुगतान किसानों को अदा कर दिया है। जबकि 11 अन्य मिलों पर भुगतान अभी भी बाकी है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कुछ चीनी मिलों की साख खराब होने के कारण बैंकों ने किसानों के कर्ज के अनुसार सरकार की ओर से ऋण उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इस वजह से किसानों के भुगतान में देरी हो रही है। इन चीनी मिलों केबारे में वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कि उनको भुगतान कराया जा सके।
इन मिलों पर है किसानों का बकाया लाख में
जिला बिजनौर
बिलाई की बजाज 6244.19
चांदपुर की वेव 3577.88
बिजनौर की वेव 2632.16
जिला अमरोहा
धनोरा की वेव 5058
गजरौला की सहकारी 1218.07
जिला मुरादाबाद
बेलवाड़ा की राणा 5115.54
बिलारी की राणा 4050.27
अगवानपुर की अकाल 6494.77
जिला संभल
मझावली की अकाल 2899.38
जिला रामपुर
करीमगंज की राणा 4677.12
बिलासपुर की सहकारी 289.40
मुरादाबाद मंडल की मिलों कुल बकाया 42261.78