मुरादाबाद। जिले में मतदाता बनने में स्थानीय लोगों में रुचि नहीं है। राजनीतिक दल भी इस बारे में गंभीर नहीं है। सब कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर छोड़ दिया गया है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मतदाता बनाने के लिए अभियान चलाया गया। मुरादाबाद सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में औसत के अनुसार मतदाता नहीं बने तो अभियान बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया है। इसके लिए बूथों पर 18 नवंबर को हर बूथ पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसे अखिरी अभियान मानकर सभी राजनीतिक दलों का सहयोग लिया जा रहा है।
चुनाव आयोग का मानक है कि एक हजार की आबादी में 667 मतदाता होने चाहिए। इस मानक को पूरा करने के लिए जिले में करीब 50 हजार मतदाता और बनने चाहिए। अब तक के अभियान में करीब 52 हजार नए मतदाता बने हैं। यही स्थिति पुराने वोट के निरस्त करने की है, इस बारे में भी गंभीरता से प्रयास नहीं किए गए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति मुरादाबाद शहर और मुरादाबाद देहात विधानसभा क्षेत्रों की रही है। कांठ, ठाकुरद्वारा, कुंदरकी और बिलारी में मतदाता बने हैं लेकिन इनमें भी मानक पूरा नहीं हुआ है।
चुनाव आयोग ने एक जनवरी 2019 को 18 साल की आयु पूरी करने वालों के वोट मतदाता सूची में शामिल करने निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रशासन ने छह विधानसभा के 2398 बूथों पर बूथ स्तरीय अधिकारी बनाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पिछले महीने मुरादाबाद में मतदाता सूची में मतदाता बढ़ाने के अभियान की समीक्षा की थी। जिसमें मानक पूरा न होने पर अभियान चलाने पर जोर दिया था। उसी समय तय हो गया था कि एक बार और विशेष अभियान चलाया जाए, जिसमें राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाए। इस अभियान की तैयारियों के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे।