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पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में धरना प्रदर्शन

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मुरादाबाद।
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पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में सोमवार को सैकड़ों कर्मचारी कार्यालयों को छोड़कर सड़क पर उतरे। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर कर्मचारियों ने आंबेडकर पार्क में धरना दिया। कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया।
सरकारी विभागों, परिषद एवं निगमों के कर्मचारी अपने संगठनों के नेतृत्व में कर्मचारी सुबह 11 बजे सिविल लाइन आंबेडकर पार्क में पहुंचे। पुलिस की कड़ी चौकसी के बीच कर्मचारियों ने मंच जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा, संयोजक श्रीकांत यादव के नेतृत्व में धरना दिया। सर्वेश शर्मा ने कहा कि राजनेताओं को भले ही मात्र एक दिन की सदस्यता मिले वो पेंशन के हकदार हो जाते हैं। सरकारी विभाग, परिषद और निगमों में सेवा करने वाले कर्मियों को पुरानी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा।
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संयोजक श्रीकांत यादव ने कहा कि 28 जनवरी को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। छह फरवरी से 12 फरवरी तक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। मंडल मंत्री सैयद आसिफ हसन ने कहा कि कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल और चुनाव बहिष्कार की रणनीति तैयार करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि आठ अक्तूबर को प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के बाद गठित कमेटी ने आज तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। धरने के बाद कर्मचारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महेंद्र सिंह, संजय सिंह, रामनाथ चौहान, नरेश सैनी, महानगर अध्यक्ष राकेश कौशिक, राहुल शर्मा, आशीष शुक्ला, सुगंध गुप्ता समेत कई कर्मी मौजूद रहे।

कर्मियों की एडीएम से नोकझोंक, जमकर नारेबाजी
पौने घंटे तक ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे अफसर तो फूटा कर्मियों का गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे कर्मचारियों का गुस्सा अपर जिलाधिकारी प्रशासन पर फूट पड़ा। कर्मचारी जुलूस लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तो वहां ज्ञापन लेने वाले अफसर नहीं थे। इससे कर्मचारियों ने सरकार के बजाए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मियों के पौने घंटे इंतजार के बाद जब एडीएम प्रशासन पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया और जमकर नोक झोंक हुई।
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कर्मचारियों का धरना एवं ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम पूर्व घोषित था। कर्मचारी दोपहर तीन बजे धरना स्थल से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इससे पहले कर्मचारी संघ पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन किया। कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां डीएम और एडीएम प्रशासन नहीं थे। कर्मचारी इंतजार करते रहे। आधे घंटे तक किसी अफसर के नहीं पहुंचने पर कर्मचारियों ने प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति भांपते हुए पुलिस अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी। कर्मचारियों के करीब पौने घंटे इंतजार के बाद एडीएम प्रशासन पहुंचे तो कर्मियों ने उन्हें घेर लिया। नारेबाजी होने से कर्मियों की तीखी नोकझोंक भी हो गई। हालांकि, बाद में ज्ञापन सौंपकर कर्मचारी वापस हो गए।
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