उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू का भले ही अब तक कोई संदिग्ध रोगी चिह्नित नहीं हुआ, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू से मौत होने के बाद अलर्ट जारी है। मुरादाबाद मंडल के जिलों की सीमा उत्तराखंड से सटी है और रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है। मंडल मुख्यालय के जिला अस्पताल मुरादाबाद में स्वाइल फ्लू को लेकर आइसोलेशन वार्ड तैयार हो गया है।
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू से दहशत बनी है। मुरादाबाद मंडल के रामपुर, बिजनौर और मुरादाबाद जिले की तहसीलें सटी हैं। हजारों लोगों की रोजाना यहां से उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में आवाजाही होती है। इससे स्वाइन फ्लू के संदिग्ध केस मुरादाबाद मंडल में आने की संभावना बनी हैं। इसको लेकर जिला अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार हो गया है। इसकी 10 बेड की क्षमता है।
चिकित्सा अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए किट भी उपलब्ध करा दी गई है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में किसी भी तरह का कोई भी संदिग्ध मरीज पहुंचने पर उसकी जांच कराने एवं तत्काल अस्पताल प्रशासन को सूचना देने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
- सामान्य जुकाम और बुखार आता है
- सिर में तेज दर्द और कमजोरी महसूस होती है
- भूख कम लगती है और नाक से पानी टपकता है
- गले में जलन और उल्टी की शिकायत होती है
- मांसपेशियों में दर्द और पेट खराब होता है
- अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन सतर्कता के आदेश जारी किए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य निदेशालय से अभी तक अलर्ट जारी नहीं हुआ है। स्वाइन फ्लू एक जूनोटिक शूकर इंफ्लूएंजा विषाणु है। यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरों को फैलता है। उत्तराखंड में इसकी दस्तक के बाद मुरादाबाद में भी विशेष चौकसी बरती जा रही है। अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड और जांच किट की पूरी व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई है।
- राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक