एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा फार्म भरने के नाम पर साइबर कैफे संचालक विद्यार्थियों की जेब काट रहे हैं। इसके अलावा सुधार अंकतालिका की वजह से भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राचार्यों के अनुसार संबंधित साइबर कैफे संचालकों को चेतावनी दी गई है।
कुछ कालेजों ने प्रवेश के समय विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क और अग्रसारण शुल्क ले लिया था। विश्वविद्यालय ने 23 नवंबर से आनलाइन परीक्षा फार्म भरवाना शुरू कर दिया है। विवि की वेबसाइट पर फार्म भरते समय अग्रसारण शुल्क और परीक्षा शुल्क भी आ रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि साइबर कैफे संचालक 50 रुपये फार्म भरने के और दो सौ रुपये कालेज का अग्रसारण शुल्क ले रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद रसीद भी नहीं दे रहे। गुरुवार को विद्यार्थी जब कालेज पहुंचे तो मामले की जानकारी हो सकी। इस संबंध में प्राचार्य हिंदू कालेज डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि कालेज के नाम पर साइबर कैफे संचालक वसूली कर रहे थे। कार्रवाई की बात कहने पर वह विद्यार्थियों के अतिरिक्त दो सौ रुपये लौटाने को राजी हो गया है। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को भेजी है। उन्होंने दो दिन में परीक्षा फार्म से शुल्क की जानकारी को हटाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा विषय और नाम बदलने के लिए पासवर्ड मिल गया है, लेकिन सुधार अंकतालिका को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाल देते हैं। वहां से एक-दो दिन में उसे सही कर दिया जाता है।